अजमेर को विकास की बड़ी सौगातें: चामुंडा माता मंदिर तक रोप-वे, पीसांगन में DSP कार्यालय, केकड़ी के लिए 30 करोड़ की मंजूरी
अजमेर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को एप्रोप्रिएशन बिल पर बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशभर के साथ-साथ अजमेर जिले के लिए कई अहम विकास घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में भर्ती प्रक्रिया को तेज करते हुए 1 लाख के स्थान पर 1.25 लाख पदों पर भर्ती का कैलेंडर जारी करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार 4 लाख भर्तियों के संकल्प को पूरा करने की दिशा में कार्य कर रही है। वर्तमान में 1.43 लाख भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं, जबकि 1 लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान अजमेर जिले को लेकर भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अजमेर स्थित चामुंडा माता मंदिर तक रोप-वे निर्माण के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार किए जाने की घोषणा की गई। वहीं, अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त पुलिया और सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए केकड़ी क्षेत्र में 30 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है, जिससे क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार के तहत पहाड़गंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत करने, अजमेर दक्षिण क्षेत्र में प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय खोलने और पीसांगन में पुलिस उपअधीक्षक (DSP) कार्यालय स्थापित करने की घोषणा की गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री शहरी जल मिशन योजना के तहत अजमेर नगर निगम क्षेत्र के गांवों में पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य किया जाएगा। साथ ही, संभाग मुख्यालयों पर सुनियोजित विकास को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेशभर में 20 नई टाउनशिप योजनाएं लाने का भी ऐलान किया गया है। इन घोषणाओं से अजमेर जिले में विकास, रोजगार और जनसुविधाओं को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।