धरती माता बचाओ अभियान: अजमेर में जिला स्तरीय बैठक, जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
अजमेर। जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में ‘धरती माता बचाओ अभियान’ के तहत जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों ने भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार उषा चितारा ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए वर्मी कम्पोस्ट, गोबर की खाद और हरी खाद (बेंचा) के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों से अपील की कि वे आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों का उपयोग और खरीद करें।
बैठक में उर्वरकों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर सख्ती बरतने के निर्देश भी दिए गए। अभियान के तहत उर्वरक निरीक्षकों द्वारा कार्रवाई करते हुए 16 आदान विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि 2 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि वे किसानों को उनकी आवश्यकता और जोत के अनुसार ही डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराएं।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ज्योति ककवानी ने उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों को समय पर और मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कृषि एवं उद्यान विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।