वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अन्तर्गत रविवार को मीडिया कर्मियों ने जिले के विभिन्न स्थानों पर जल संरक्षण के कार्यों का अवलोकन किया।

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अन्तर्गत रविवार को मीडिया कर्मियों ने जिले के विभिन्न स्थानों पर जल संरक्षण के कार्यों का अवलोकन किया।
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वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान

मीडिया कर्मियों ने देखे जल संरक्षण के कार्य

अजमेर, 31 मई । वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अन्तर्गत रविवार को मीडिया कर्मियों ने जिले के विभिन्न स्थानों पर जल संरक्षण के कार्यों का अवलोकन किया। अभियान के सहायक नोडल अधिकारी श्री शलभ टण्डन ने जल संरक्षण संरचनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

मीडिया कर्मियों के दल में टीकावड़ा में कन्टीन्यूअस कन्टूर टै्रन्च का अवलोकन किया। यहां की पहाड़ियों से आने वाले जल की गति को कम करने के लिए बनाई गई संरचनाओं को देखा। इसके माध्यम से भूमि के कटाव तथा जल संरक्षण के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना के माध्यम से निर्मित 10 लाख लीटर के मिनी परकोलेसन टैंक को भी देखा। इसकी 40 फीट गहरी रिचार्ज शाफ्ट के माध्यम से होने वाले लाभ की जानकारी ली। इसके कारण आसपास के क्षेत्र के भूजल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई।

एकलसिंहा ग्राम पंचायत में श्री जगदीश चौधरी के खेत पर विभिन्न योजनाओं के समेकित लाभ के बारे में मीडिया कर्मियों को अवगत कराया गया। यहां वर्मी कम्पोस्ट ईकाई, फार्म पौण्ड, बूंद बूंद सिचांई पद्धति, तारबन्दी तथा फल बगीचा स्थापना का एक ही स्थान पर उपयोग लिया गया है। यहां फार्म पौण्ड में एकत्र वर्षा जल का उपयोग फलदार पौधों को सिंचाई में किया जा रहा है। इनके फार्म पर नींबू, केसर आम, बेर, संतरा, आंवला, अनार, चीकू जैसी अनेक प्रजातियों के फल वृक्ष लगे हुए है।

एकलसिंहा ग्राम पंचायत के झबरकिया ग्राम में 35 लाख रूपये की लागत से मॉडल चारागाह का विकास किया गया है। इसकी सुरक्षा के लिए बारवेड वॉयर फैन्सिंग का इस्तेमाल किया गया। इस 5 हैक्टेयर क्षेत्र में 2 हजार पौधे का सफल फल वन तैयार किया गया है। तीन वर्ष पूर्व आरम्भ की गई इस परियोजना में 900 फलदार तथा 1100 वानिकी पौधे है। इसके साथ-साथ पक्षियों द्वारा प्रकीर्णन से लाए गए नये पौधे भी उगे हुए है। यह सब स्थानीय प्रशासक श्री हरीराम चौधरी, गार्ड श्री सांवरलाल प्रजापत, सहायक अभियन्ता श्री भागचन्द उदेनिया, कनिष्ठ अभियन्ता श्री सुखपाल जाट एवं विषय विशेषज्ञ श्री सांवरलाल जाट तथा स्थानीय जन समुदाय के सामुहिक परिश्रम एवं समन्वय का परिणाम है।

इस चारागाह में सोलर पम्प से सिंचाई होती है। बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति का उपयोग जल के सदुपयोग के लिए किया जाता है। यहां जल संरक्षण के लिए 30 हजार लीटर का जल संग्रहण हौद भी बनाया गया है। अब यहां मियावाकी पद्धति से सघन वृक्षारोपण भी किया गया है। इसका परिणाम शीघ्र नजर आएगा। स्थानीय फार्म पोण्ड का भी अवलोकन किया।

एकलसिंहा के प्रशासक श्री हरिराम चौधरी ने मीडियाकर्मियों से चर्चा के दौरान बताया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में तीन परियोजनाएं जल संरक्षण के संबंध में चल रही है। इसके अतिरिक्त एक नई परियोजना भी आरम्भ हुई है। क्षेत्र के 400 बीघा में 8 हजार से अधिक पौधे रोपित किए गए थे। इनमें से अधिकतर सफल हुए है। ग्राम पंचायत में 200 से अधिक फार्म पोण्ड है। इससे 3 मीटर से अधिक भूजल स्तर बढ़ा है। बंजर भूमि में भी खेती होने लगी है।

मीडिया विजिट में जनसम्पर्क अधिकारी श्री मयंक राज गुर्जर, पंचायत राज विभाग की कनिष्ठ अभियंता प्रियंका चौधरी, ग्राम विकास अधिकारी श्री गोपाल सहित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, लाभार्थी एवं ग्रामीण साथ रहे।

admin - awaz rajasthan ki

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