जिला प्रभारी सचिव एवं जिला कलक्टर ने शहरी सेवा शिविरों का किया निरीक्षणलाभार्थियों को वितरित किए दस्तावेज
जिला प्रभारी सचिव एवं जिला कलक्टर ने शहरी सेवा शिविरों का किया निरीक्षण
लाभार्थियों को वितरित किए दस्तावेज
अजमेर, 18 जून। जिले के प्रभारी सचिव नीरज के. पवन तथा जिला कलक्टर लोक बन्धु ने गुरूवार को शहरी सेवा शिविरों का निरीक्षण कर लाभार्थियों के साथ वार्तालाप किया।
अजमेर जिला प्रभारी सचिव नीरज के. पवन ने गुरूवार को जिले में शहरी सेवा शिविर-2026 का निरीक्षण किया। उनके द्वारा अजमेर विकास प्राधिकरण, नगर निगम अजमेर तथा पुष्कर नगर परिषद के शहरी सेवा शिविरों का औचक निरीक्षण किया एवं विभागों द्वारा लगाए गए काउण्टरों पर जाकर आमजन के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। उनके द्वारा शिविर अवधि में दिए गए कार्यों की प्रगति के बारे में जाना।
उन्होंने कहा कि शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का कार्य संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। क्षेत्र के प्रत्येक व्यापारी को ट्रेड लाइसेंस बनाने के लिए प्रेरित करें। साथ ही अन्य आवश्यक दस्तावेज भी मिलने चाहिए। फायर एनओसी जारी करने से पहले समस्त सुविधाएं एवं आवश्यक संरचनाएं जांची जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाईटों के संबंध में शिकायत का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। टीम को क्षेत्र में भेजकर बन्द पड़ी स्ट्रीट लाईटें प्रोएक्टीवली ठीक कराएं। शिकायत आने पर तुरन्त लाईट ठीक होनी चाहिए। शिविर में आने वाली प्रत्येक महिला की एनसीडी जांच अवश्य करें। स्वनिधि योजना के आवेदन प्राप्त करने के साथ ही इनकों निस्तारित कराएं। प्रथम किस्त को जमा कराने वाले लाभार्थियों को आगे की किस्तें मिलना सुनिश्चित करें।
जिला प्रभारी सचिव ने इस मौके पर लाभार्थियों को आवासीय पटटे, फायर एनओसी, स्वनिधि योजना के लाभ, जन्म प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज वितरित किये। शिविर में लाभार्थियों ने संवेदनशील सरकार के प्रति आभार जताया एवं कहा कि शिविर की बदौलत उन्हें यह राहत मिली है।
जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की समस्याएं स्थानीय स्तर पर निस्तारित करवाने के लिए सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। आमजन को शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर अपनी समस्याओं को निस्तारित करवाना चाहिए। सम्बल अभियान के माध्यम से दिव्यांगों, सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स तथा कुपोषित बच्चों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस दिशा में शत-प्रतिशत कार्य करने का लक्ष्य रखा गया है।