“मातरः सर्वभूतानां गावः सर्वसुखप्रदाः” — गौ माता समस्त प्राणियों की जननी और कल्याण की स्रोत हैं : मंत्री श्री रावत
जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने किया भीलवाड़ा के नौगांव स्थित माधव गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र का अवलोकन
गौ संरक्षण, पंचगव्य चिकित्सा और जैविक कृषि नवाचारों की सराहना की
राजस्थान के जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने आज भीलवाड़ा जिले के नौगांव स्थित परम् पूज्य माधव गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र एवं गौशाला के दर्शन एवं निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री श्री रावत ने परिसर में स्थित श्री सांवलिया सेठ जी के मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।
इस विशेष अवसर पर उन्हें वरिष्ठ प्रचारक एवं गौसेवा हेतु समर्पित आत्मा श्री सुरेश भाईसाहब का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जो वर्षों से इस संस्थान के सतत उत्थान हेतु कार्यरत हैं।
मंत्री श्री रावत ने कहा कि यह संस्थान न केवल गौ-संरक्षण और अनुसंधान का उत्कृष्ट केंद्र है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक और वैदिक परंपरा का जीवंत प्रतीक भी है। यहां पंचगव्य आधारित आयुर्वेदिक औषधियों का निर्माण, जैविक कृषि का प्रचार-प्रसार, एवं पर्यावरण संतुलन के लिए जो कार्य हो रहे हैं, वे समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।
मुख्य विशेषताएं जो मंत्री श्री रावत ने रेखांकित की:
- पंचगव्य चिकित्सा अनुसंधान: केंद्र में गौमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी से औषधियों का निर्माण कर रोगों के आयुर्वेदिक उपचार में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की जा रही है।
- जैविक खेती को बढ़ावा: किसानों को रासायनिक खादों के विकल्प के रूप में गौ-अमृत, जैविक कीटनाशकों और उर्वरकों के उपयोग हेतु प्रशिक्षित किया जा रहा है।
- गौ आधारित आत्मनिर्भरता: संस्थान का उद्देश्य गौपालकों एवं किसानों को स्वावलंबी बनाना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
मंत्री श्री रावत ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि –
“यह केंद्र सिर्फ एक गौशाला नहीं, बल्कि गौ आधारित ग्रामीण नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक क्रांतिकारी प्रयास है। राज्य सरकार भी ऐसे प्रयासों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।”
इस अवसर पर उन्होंने संस्थान के समर्पित कार्यकर्ताओं से संवाद किया और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।