गहलोत का भजनलाल सरकार पर प्रहार — “मुख्यमंत्री बनो, परिवारवादी नहीं”, इंटेलिजेंस रिपोर्ट से हालात समझने की सलाह
जयपुर । पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर सीधा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि “पंडित भजनलाल जैसा सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता। पहली बार विधायक बने और मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल गई। हम क्यों इनकी खिलाफत करेंगे? हम चाहते हैं कि वे अच्छा शासन दें।”
गहलोत ने मुख्यमंत्री को परिवारवाद से ऊपर उठने की नसीहत देते हुए कहा कि अब वक्त है कि वे जनता के मुख्यमंत्री बनें, ना कि किसी परिवार विशेष के प्रतिनिधि।
जनता से जुड़ने और इंटेलिजेंस से रिपोर्ट मंगवाने की सलाह
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मुख्यमंत्री को “पब्लिक प्रॉपर्टी” बनना चाहिए — अर्थात जनता जब चाहे, अपनी समस्या लेकर उनसे मिल सके। इसके साथ ही गहलोत ने राज्य में प्रशासनिक और कानून व्यवस्था की जमीनी स्थिति को समझने के लिए इंटेलिजेंस विंग से हर 15 दिन में रिपोर्ट मंगवाने की सलाह दी।
गहलोत ने सुझाव दिया कि मुख्यमंत्री को यह जांच करवानी चाहिए कि कौन-कौन कलेक्टर और एसपी जनसुनवाई कर रहे हैं, कौन रात्रि विश्राम कर रहा है और कितने अधिकारी फील्ड में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा, “विपक्ष जो मुद्दे उठा रहा है, उन पर ध्यान दिया जाना चाहिए। यदि आरोप गलत हैं तो ठीक, लेकिन यदि वे सही निकलते हैं, तो तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।”
कानून-व्यवस्था और माफिया तंत्र पर सरकार को घेरा
गहलोत ने प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बजरी माफियाओं के बढ़ते प्रभाव को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, “हमारे समय में भी बजरी की समस्या थी, लेकिन हमने उसे रोकने के प्रयास किए। आज तो माफिया पुलिस पर हमले कर रहे हैं, नेक्सस ऊपर से नीचे तक फैला हुआ है। गरीब को महंगी बजरी मिल रही है, यह गंभीर चिंता का विषय है।”
उन्होंने आगे कहा कि अब सिर्फ जयपुर से शासन नहीं चलेगा। सरकार को गांव-ढाणी तक जाकर जमीनी स्थिति का जायजा लेना होगा। गुंडागर्दी और माफिया राज का विस्तार हो रहा है और जनसुनवाई की व्यवस्था लगभग खत्म हो चुकी है।
“दौसा विधायक के घर तीन बार चोरी, आमजन की क्या हालत होगी?”
गहलोत ने राज्य में हालात की गंभीरता बताते हुए कहा कि, “जब दौसा विधायक के घर ही तीन बार चोरी हो चुकी है, तो आम जनता की स्थिति की कल्पना की जा सकती है। यह स्पष्ट कानून व्यवस्था की विफलता है। यदि यही स्थिति रही तो गवर्नेंस खुद सरकार के लिए खतरा बन जाएगा।”
भाजपा के अंदर चल रहे ‘साज़िश’ के भी दिए संकेत
गहलोत ने अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि “भजनलाल शर्मा को हटाने की साज़िश भाजपा के भीतर ही चल रही है। भाजपा में अंदरूनी संघर्ष शुरू हो चुका है, और यह आने वाले समय में और स्पष्ट होगा।”