अनुसंधान में शोध प्रस्ताव की भूमिका अहम मानी गई है – प्रो. मंगल
अनुसंधान में शोध प्रस्ताव की भूमिका अहम मानी गई है – प्रो. मंगल
**पांच दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का समापन
**विभिन्न सत्रों में प्रतिभागियों ने जानी शोध की गुणवत्ता
अजमेरl केशव विद्यापीठ जयपुर में प्रो. एस. के. मंगल ने कहा कि एक अच्छा शोध प्रस्ताव वह हैं, जो शोध की दिशा और औचित्य को स्पष्ट करता हैl अनुसंधान में शोध प्रस्ताव की भूमिका अहम होती हैंl प्रो. मंगल ने शुक्रवार को यहां सेंट्रल एकेडमी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के सभागार में आयोजित पांच दिवसीय फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम के समापन अवसर पर उक्त विचार व्यक्त किए lआयोजन ऑनलाइन हाइब्रिड मोड पर आयोजित किया गया हैl आयोजन महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के प्रबंध अध्ययन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया थाl इस मौके पर मंगल ने कहा कि शोध प्रस्ताव अनुसंधान की व्यावहारिक योजना प्रस्तुत करता हैl इस प्रस्ताव के माध्यम से शोधकर्ता के द्वारा किए जाने वाले कार्य की प्रकृति ,उसका उद्देश्य ,शोध विधि शोध विषय की प्रासंगिकता, परिकल्पना, समय सीमा निर्धारण एवं अपेक्षित परिणाम को समझना और भी आसान हो जाता हैl इस पांच दिवसीय आयोजन के समापन अवसर पर सेंट्रल
एकेडमी एजुकेशन एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ शोभा सुमन मिश्रा, समिति के सचिव एवं कार्यक्रम के संयोजक आरुष टी. एन. मिश्रा महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में प्रबंध संकाय के डीन प्रो. शिव प्रसाद, महाविद्यालय संयोजक प्राचार्य वर्षा नालमें, सहसंयोजक व समिति की कोषाध्यक्ष डॉ. नेहा मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहेl डॉ. भागचंद बालोत ने उपस्थित अतिथियों व प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया l समापन सत्र व उद्घाटन सत्र सहित पांचो दिन आयोजित सत्रों का संचालन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. दीप्ति पीटर ने किया lउल्लेखनीय है कि इस पांच दिवसीय फैकेल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन मोड पर विभिन्न शिक्षाविदों द्वारा शोध के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए गए lअनेक सत्रों में प्रश्नोत्तरी के माध्यम से भी प्रतिभागियों ने अपने अपना ज्ञान अर्जन किया है l