शाही लवाजमे के साथ निकली ठाकुरजी की शोभायात्रा।


शाही लवाजमे के साथ जल झूलने निकले ठाकुरजी।
शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा कर छिटका गया इत्र।
जीवित झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र

शाहपुरा 3 सितंबर, 2025। जलझूलनी एकादशी पर्व पर बुधवार को महलों के चौक से दिन में 4 बजे शाहीलवाजमे के साथ ठाकुरजी के कई बेवानों की शोभायात्रा निकाली गई। चारभुजा भक्त मंडल के ओर से आयोजित कार्यक्रम के तहत नगर के मुख्य बाजारों से निकली शोभायात्र में बैंड की मधुर धुनों पर बजे भक्ति गीतों पर सैकड़ों श्रद्धालु झूम उठे। ढोल की थाप पर लोगों के पैर स्वतः थिरकते दिखे। नृसिंह स्वरूप की, गुरुद की सवारी, नंदी पर सवार पार्वती, शिव की झाकी, सहित कई जीवंत झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। भालू, गोरिल्ला बनी झांकीयो ने बच्चों को खूब गुदगुदाया और मनोरंजन किया। इस यात्रा में नगाड़ों के साथ शिव डमरू, शिव तांडव देख लोग मंत्र मुग्ध हो गये।
पुष्पवर्षा कर किया इत्र का छिड़काव: आयोजन समिति ने गुलाब पत्तियों से शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की गई। शोभायात्रा देखने उमड़े लोगों के हजूम पर इलेक्ट्रिक फव्वारों से इत्र का छिड़का किया गया जिससे सारा वातावरण महक उठा। गुलाब जल के फव्वारों के छिड़काव से हुई बारिश से बढ़ी उमस से
लोगो को राहत महसूस की।
नगर परिषद ने की सजावट: सभी बेवाण पिवनियां तालाब पर पहुंचने पर नगर परिषद द्वारा तालाब के तट पर भगवान के विश्राम के लिए तक्खत सजाये गए। पूर्व संध्या पर परिषद की ओर से शोभायात्रा मार्ग को रंग बिरंगी फरररियो, पताको से सजाते हुए पूरे मार्ग पर आकर्षक विधुत सजावट की गई। नगर परिषद की ओर से सभापति रघुनंदन सोनी व समस्त पार्षदों ने पिवनियां तालाब पहुंचने पर सभी बेवाणों में श्रीफल, पुष्पहार चढ़ाते हुए बेवाणों का स्वागत किया।
शीतल पेय पिलाया: मार्गो में,चमना बावड़ी पर गणेश उत्सव समिति, कुंड गेट पर काबरा मित्रमंडल सदस्यों ने भी शीतल पेय पिलाया।
शोभायात्रा पिवणीया तालाब पहुंचने पर सरोवर की तीर पर जाकर पुजारियों व श्रधालुओं ने भगवान के बेवाणों को जल विहार करवाया गया। घाटों पर महा आरती उतारी गई।
अंत में भगवान के सभी बेवाण पुनः अपने अपने मन्दिरों की ओर प्रस्थान कर गए।



