रावत समाज की एकता, प्रतिभा और संस्कारों का सशक्त मंच बना पुष्कर

रावत समाज की एकता, प्रतिभा और संस्कारों का सशक्त मंच बना पुष्कर
Spread the love

पुष्कर। रावत समाज की एकजुटता, प्रतिभा और सामाजिक संस्कारों को सशक्त दिशा देने वाला भव्य आयोजन आज पुष्कर स्थित रावत मंदिर परिसर में देखने को मिला। रावत महासभा राजस्थान के तत्वावधान में आयोजित विशाल आमसभा एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में जल संसाधन मंत्री एवं पुष्कर विधायक सुरेश सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम ने समाज को शिक्षा, अनुशासन, सामाजिक सुधार और आत्मनिर्भरता के मूल्यों से जोड़ने का प्रभावी संदेश दिया।

मंत्री सुरेश सिंह रावत के पुष्कर आगमन पर मेला मैदान से समाज के गणमान्यजनों ने बैंड-बाजे के साथ भव्य अगवानी की। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई रावत मंदिर पहुंची। यहां मंत्री ने श्री मत्स्य भगवान के दर्शन कर प्रदेश की शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात समाज के सहयोग से निर्मित धर्मशाला परिसर की भोजनशाला का विधिवत उद्घाटन किया गया।

समारोह मंच से संपूर्ण रावत समाज की ओर से मंत्री रावत का 101 किलो पुष्पमाला पहनाकर भव्य स्वागत-अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में समाज की नन्हीं बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।

अपने ओजस्वी संबोधन में मंत्री रावत ने कहा कि यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज के बच्चों और युवाओं के परिश्रम, अनुशासन और संकल्प की सफलता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और सेवाभावी कार्मिकों का सार्वजनिक मंच पर सम्मान समाज को सकारात्मक दिशा देता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनता है।

मंत्री रावत ने समाज की एकता पर बल देते हुए कहा कि संगठित और जागरूक समाज ही राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाता है। रावत समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कमजोर वर्गों को सहयोग देने और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

उन्होंने नशा, बाल विवाह, फिजूलखर्ची और अशिक्षा जैसी प्रवृत्तियों से दूर रहने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि सामाजिक सुधार के बिना प्रगति संभव नहीं है। महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि सामूहिक प्रयास और निरंतर समीक्षा से ही समाज को सशक्त बनाया जा सकता है।

युवाओं और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मंत्री रावत ने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्थिर मन सफलता की नींव हैं। परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का कोई विकल्प नहीं है। विज्ञान और तकनीक के युग में इनके सकारात्मक उपयोग से आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कृषि, उद्यमिता और नवाचार के माध्यम से युवा न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही उन्होंने वरिष्ठजनों से युवाओं को मार्गदर्शन देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मंत्री रावत ने समाज के 150 मेधावी विद्यार्थियों, 22 खेल प्रतिभागियों, 50 सरकारी सेवाओं में चयनित कार्मिकों और भामाशाहों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया।

आमसभा में चार महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इनमें सितंबर 2024 से नवंबर 2025 तक के आय-व्यय का ब्यौरा पेम्पलेट के माध्यम से समाजजनों को उपलब्ध कराना, रामदेवरा धर्मशाला, पुलिस लाइन धर्मशाला और लोहागल हथाई के विकास, समाज में दहेज से जुड़े झूठे मुकदमों, नाता प्रथा, शराबबंदी और विवाह समारोहों में अपव्यय रोकने जैसे सामाजिक सुधार, तथा बारहवां और गंगापूजन पर कपड़े देने की परंपरा को बंद करने जैसे निर्णय शामिल रहे।

कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष देवी सिंह रावत, संयोजक श्रवण सिंह रावत, संरक्षक ज्ञान सिंह रावत और मोहन सिंह रावत, वरिष्ठ महामंत्री प्रभू सिंह रावत, महामंत्री कुंदन सिंह रावत, मंत्री बालसिंह रावत, सोहन सिंह रावत, कोषाध्यक्ष नारायण सिंह रावत, उप महासभा अध्यक्ष मसूदा विजय सिंह रावत, बांदनवाड़ा हगाम सिंह रावत, राजगढ़ हीरा सिंह रावत, प्रधान सीमा अर्जुन रावत, नवयुवक मंडल अध्यक्ष विक्रांत सिंह रावत, आईटी सेल से राजेश सिंह रावत, शिक्षा समिति से नरेंद्र सिंह रावत, राजेंद्र सिंह रावत, हरदेव सिंह रावत सहित हजारों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

admin - awaz rajasthan ki

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *