पूर्व मंत्री ने मनरेगा बदलाव पर उठाए सवाल, भाजपा सरकार पर लगाए गुमराह करने के आरोप
भीलवाड़ा। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना में प्रस्तावित बदलावों को लेकर भीलवाड़ा में मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत प्रेस वार्ता आयोजित की गई। सर्किट हाउस में हुई वार्ता में पूर्व मंत्री और भीलवाड़ा देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामलाल जाट ने योजना में किए जा रहे परिवर्तनों पर आपत्ति जताई और केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।
रामलाल जाट ने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने और आजीविका सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम रही है। उनके अनुसार, प्रस्तावित बदलावों से योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित हो सकता है और ग्रामीण श्रमिकों के अधिकारों पर असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि योजना की संरचना में परिवर्तन किए जाते हैं, तो इसके क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों की भूमिका सीमित हो सकती है।
प्रेस वार्ता में जाट ने आरोप लगाया कि योजना के तहत न्यूनतम मजदूरी, नियमित कार्य उपलब्धता और भुगतान प्रक्रिया में संभावित बदलावों से श्रमिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में योजना से जुड़े निर्णय केंद्रीय स्तर पर अधिक नियंत्रित हो सकते हैं, जिससे स्थानीय स्वशासन की भूमिका कम होने की संभावना है।
उन्होंने यह भी बताया कि मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत आगामी दिनों में जिले में जनजागरूकता कार्यक्रम और आंदोलनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में योजना से जुड़े मुद्दों पर संवाद स्थापित किया जा सके।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।