किशनगढ़ दौरे पर डिप्टी सीएम दीया कुमारी, ग्रामीण रोजगार को स्थायी आय से जोड़ने की योजना पर जोर
अजमेर । राजस्थान की डिप्टी मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने शुक्रवार को किशनगढ़ के पाटन गांव में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को नई दिशा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अब केवल दैनिक मजदूरी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देकर स्थायी आय के अवसर तैयार किए जाएंगे।
डिप्टी सीएम ने बताया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ग्रामीण रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 करने की योजना है, जिससे श्रमिकों की आय में निरंतरता आएगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, सिंचाई, डेयरी, पशुपालन, वेयरहाउस विकास और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ कागजी प्रक्रियाओं तक सीमित न रहे, बल्कि उनका प्रभाव सीधे गांव स्तर तक पहुंचे। डिप्टी सीएम के अनुसार सरकार का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को सम्मानजनक आजीविका और भविष्य की बेहतर संभावनाएं उपलब्ध कराना है।

जनसभा को केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित कार्यप्रणाली से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर लोकबंधु, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
दौरे के दौरान डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने आरके कम्युनिटी सेंटर में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से जुड़ी सड़क, बिजली, पानी सहित आधारभूत सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई और समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
उन्होंने कहा कि आगामी बजट की तैयारियों को लेकर भी बैठक में विचार-विमर्श हुआ है। सरकार की मंशा ऐसे कार्यों को प्राथमिकता देने की है, जो व्यावहारिक रूप से धरातल पर उतर सकें। उनके अनुसार केवल घोषणाओं की बजाय प्रभावी क्रियान्वयन पर फोकस किया जाएगा, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे।