शाहपुरा के आकाश लोढ़ा की ऐतिहासिक उपलब्धि, तिरंगा यात्रा में उमड़ा सैलाब।



निकाली तिरंगा यात्रा, तिरंगे के सम्मान में उमड़ा जन सैलाब।
शहरवासियों ने बिछाए पलक पांवड़े।
पर्वतारोही के साथ माता-पिता का सम्मान।
देशभक्ति गीतों से गूंज उठे बाजार।
शाहपुरा 27 जनवरी, 2026। जब हौसले फौलादी हों और सीने में देशभक्ति का जज्बा हो, तो रास्ते की बर्फ भी पिघलने लगती है। शाहपुरा के पहले पर्वतारोही आकाश लोढ़ा ने माउंट एवरेस्ट के दक्षिणी बेस कैंप (5,364 मीटर) पर तिरंगा फहराकर न केवल अपना सपना पूरा किया, बल्कि शाहपुरा के साथ भीलवाड़ा जिले का भी गौरव बढ़ाया। उनके शहर आगमन पर जैसा उत्साह दिखा, उसने यह साबित कर दिया कि शाहपुरा अपने नायकों को पलकों पर बिठाना जानता है।
शहरवासियों ने बिछाए पलक पांवड़े, बारिश भी नहीं रोक पाई जोश: कलिंजरी गेट से वर्धमान भवन तक, 1.5 किलोमीटर का रास्ता किसी उत्सव जैसा प्रतीत हो रहा था। बीच में आई बारिश से भी नगरवासियों के जोश उत्साह कम नहीं हुआ, ऐसा लग रहा था मानो इंद्रदेव भी आकाश का बारिश से स्वागत करने हो।
पर्वतारोही के साथ माता-पिता का सम्मान: आकाश के साथ उनके माता कमलेश, पिता अनिल लोढ़ा व भ्राता वैभव लोढ़ा का सर्व समाज, वर्धमान स्थानकवासी श्रावक संघ, यश वेणी महिला मंडल, , शाहपुरा श्याम सेवा समिति, भाजपा, कांग्रेस नगर मंडल, मोबाइल, टेंट, लाइट डेकोरेशन, कपड़ा, सर्राफा, सभी व्यापार मंडल एसोसिएशन जेन्ट्री क्लब, यंग स्पोर्ट क्लब, दिगम्बर जैन संघ सहित कई सामाजिक संगठनों और सेवाभावी संस्थाओं बरसती बारिश के बीच कतारबद्ध होकर स्वागत सम्मान कर जुलूस पर पुष्प वर्षा की। इस दौरान लोढ़ा ने पदम प्रभु, शांतिनाथ बालाजी छतरी और चारभुजा मंदिरों में नतमस्तक होकर इस सफलता का श्रेय बड़ों के आशीर्वाद और ईश्वरीय कृपा को दिया।
देशभक्ति गीतों से गूंज उठे बाजार: ढाई घंटे तक चला डेढ़ किलोमीटर के जुलूस में ढोल नगाड़ों, 2-2 डीजे पर बज रहे देश भक्ति गीतों के साथ भारत माता की जय.. जोशीले नारों से गौरवपथ गुंज उठा। इस दौरान कई बुर्जुगों ने कहा कि आकाश तुमने नाम के अनुरूप आकाश की ऊंचाइयों को छुआ है। वरिष्ठ नागरिक मंच के देवेंद्र बूलिया, निर्मल पटवा ने बताया कि आकाश की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि शाहपुरा सहित भीलवाड़ा जिले के गौरव का प्रतीक है।
उन्होंने 17हजार 5सो 98 फीट की ऊँचाई पर तिरंगा फहरा कर शाहपुरा के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है।
चुनौतियों को दी मात: आवाज राजस्थान से बात करते हुए लोढ़ा ने बताया कि एवरेस्ट बेस कैंप का सफर कोई आसान डगर नहीं थी। आकाश ने बर्फीली हवाओं, जमा देने वाले तापमान और ऑक्सीजन की भारी कमी जैसी जानलेवा चुनौतियां सामने आई पर ईश्वरीय कृपा बड़ों के आशीष से यात्रा सफल हुई। आकाश साहस, धैर्य और युवा शक्ति का वह जीवंत प्रतीक बन गया। अंत में शहरवासियों का आभार जताते हुए आकाश नगर के युवाओं को भी अपने हौसले बुलंद रखने व चुनौतियों का सामना करने का आग्रह किया।
