वित्त आयोग के अध्यक्ष ने की जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से चर्चा पंचायतीराज संस्थाओं व शहरी निकायों के संबंध में लिए सुझाव, वित्त पोषित योजनाओं की समीक्षा
अजमेर | राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने मंगलवार को संभाग के पंचायतीराज संस्थाओं एवं शहरी निकायों के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा करते हुए सुझाव प्राप्त किए। वित्त आयोग द्वारा संभागस्तर पर सुझाव प्राप्त कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को भेजे जाएंगे। क्षेत्र से प्राप्त ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद एवं नगरीय निकायों से संबंधित सूचनाओं के आधार पर रिपोर्ट बनाई जाएंगी। इससे राज्य ग्रामीण एवं शहरी संस्थाओं को दी जाने वाली राशि का निर्धारण होगा। संस्थाओं से निजी आय बढ़ाने के बारे में व्यावहारिक सुझावों को लागू किया जाएगा कड़ैल मैं सामुदायिक शौचालय की उपयोगिता प्रेरणादायी रही। निकायों को प्राप्त फंड का पूरा उपयोग करना चाहिए। वित्तीय अनुशासन के लिए प्रशिक्षण एवं
जनप्रतिनिधियों व अफसरों से चर्चा करते राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष चतुर्वेदी
कैपेसिटी बिल्डिंग का कार्य किया जाएगा कर संग्रहण को बिजली के बिल के साथ जोड़ने का सुझाव भी मिला। विभिन्न प्रकार के छोटे-छोटे करों एवं उप करों के स्थान पर एक ही कर आरोपित करने का सुझाव मिला। कर वसूली में आ रही चुनौतियों के बारे में चर्चा कर समाधान सुझाए गए। बैठक में पर्यटक स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं जुटाने के लिए राजस्व संग्रहण करने के अधिकार दिए जाने की आवश्यकता जताई गई। संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने कहा कि वित्त आयोग को प्राप्त सुझावों के उपयोग में आने से क्षेत्र की कई
समस्याओं के समाधान होंगे। ठोस कचरा प्रबंधन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी कार्य योजना बनाए जाने की आवश्यकता है। सड़क गुणवत्ता तथा जल निकासी पर विशेष फोकस करने पर चर्चा की गई। अतिरिक्त संभागीय आयुक्त दीप्ति शर्मा ने कहा कि पूर्व के वित्त आयोगों से प्राप्त राशि से किए जाने वाले कार्यों को पूर्ण करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राज्य वित्त आयोग के सदस्य सचिव नरेश ठकराल ने आयोग को सैपि गए कार्यों एवं इसकी संरचना के बारे में जानकारी दी। प्रश्नावली के बिन्दु पर चर्चा की गई।
विभिन्न
जल जीवन मिशन के कार्य पंचायतों को सौंपेंगे: चतुर्वेदी
मीडिया से बातचीत में आयोग के अध्यक्ष चतुर्वेदी ने कहा कि सीईओ ने एलएसजी की रिपोर्ट पेश की। व्यावहारिक दिक्कतें बताई। ग्राम विकास की कौन-कौन सी चीज शामिल कर सकते हैं। स्टेक होल्डर के साथ चर्चा की गई, अच्छे सुझाव आए हैं। जल जीवन मिशन में फील्ड में तकनीकी दिक्कतें हैं। पिछली सरकार में जलजीवन मिशन धरातल पर नहीं पहुंचा। इसे पंचायतों को हैंड ओवर किया जाएगा। जल समितियां बनाई जाएंगी। गांवों में जल निकासी बड़ी समस्या है। पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाएंगे। पंचायतों की आय बढ़ाई जाएगी। वेस्ट मैनेजमेंट का प्लान करना जरूरी है। गोबर के डिस्पोजल के लिए प्लांट लगाए जा सकते हैं। अच्छे प्रोजेक्टों को दूसरी पंचायतों में लागू किया जाएगा। ग्राम विकास को कैसे सुदृढ़ किए जाएं। विकसित भारत जी रामजी जी को लेकर भी सुझाव आया। वित्त विभाग की ओर से सुझावों को सरकार को भेजा जाएगा।