देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश भड़ाना ने मुख्यमंत्री से भेंट कर बजट घोषणाओं पर जताया आभार, अति पिछड़े वर्ग के विकास के लिए मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को सौंपा मांगपत्र

देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश भड़ाना ने मुख्यमंत्री से भेंट कर बजट घोषणाओं पर जताया आभार, अति पिछड़े वर्ग के विकास के लिए मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को सौंपा मांगपत्र
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देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश भड़ाना ने मुख्यमंत्री से भेंट कर बजट घोषणाओं पर जताया आभार, अति पिछड़े वर्ग के विकास के लिए मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को सौंपा मांगपत्र

अजमेर, 14 फरवरी। देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश भड़ाना ने मुख्यमंत्री निवास पर माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से शिष्टाचार भेंट कर राज्य बजट 2026-27 में देवनारायण बोर्ड, देवनारायण आवासीय विद्यालय एवं छात्रावासों को सुदृढ़ करने के लिए की गई घोषणाओं पर आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
श्री भड़ाना ने इस अवसर पर अति पिछड़े वर्ग के सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक उत्थान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित विस्तृत मांगपत्र मुख्यमंत्री को सौंपा।
देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ने बजट में राजकीय देवनारायण आवासीय विद्यालय भिनाय तथा राजकीय देवनारायण छात्रावास लवाण दौसा की स्वीकृति समाज के लिए एक ऐतिहासिक एवं दूरगामी सौगात बताया । इससे ग्रामीण एवं वंचित वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित आवासीय वातावरण एवं आधुनिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। ये उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर प्रदेश व राष्ट्र के विकास में सहभागी बनाएंगी।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एव उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी को सौंपे गए मांगपत्र में श्री भड़ाना ने बगडावतों के इतिहास से जुड़े राण भिनाय गांव को पर्यटन स्थल एवं अतिशय क्षेत्र घोषित करने की मांग करते हुए बताया कि यह क्षेत्र भगवान श्री देवनारायण जी के पिता श्री सवाई भोज महाराज एवं उनके 24 भाई बगडावतों की कर्मभूमि व रणभूमि रहा है। वहां उनके शौर्य, बल एवं पराक्रम की अनेक ऐतिहासिक धरोहरें आज भी विद्यमान हैं। इनमें एक ही रात में खोदी गई 24 बावड़ियां, तलवार से दो भागों में कटी विशाल शिला तथा बगडावतों की वीरगाथाओं से जुड़ी कथाएं शामिल हैं। ये गुर्जर समाज की आस्था का केंद्र हैं होने के साथ सांस्कृतिक पर्यटन की अपार संभावनाएं भी समेटे हुए हैं।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि यह क्षेत्र वन क्षेत्र में स्थित होने के कारण इसे अतिशय क्षेत्र घोषित कर पूरक बजट में पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। इससे स्थानीय विरासत का संरक्षण हो और समाज में सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश जाए।
इसी क्रम में पुष्कर स्थित आदि गुर्जर तीर्थ क्षेत्र नागपहाड़ को श्री देवनारायण अतिशय क्षेत्र घोषित करने, वहां श्री सवाई भोज, साडूमाता, गुरुबाबा रूपनाथ जी एवं भगवान श्री देवनारायण जी के स्मारक निर्माण तथा श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए सड़क निर्माण की मांग करते हुए श्री भड़ाना ने कहा कि नागपहाड़ से प्राप्त पवित्र ईंटें देशभर में देवनारायण मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा में प्रयुक्त होती हैं। इससे यह स्थल समूचे भारतवर्ष के गुर्जरों की आस्था का केंद्र बन चुका है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व से परिपूर्ण इस क्षेत्र को संरक्षित कर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन से जोड़ना राज्य के लिए गौरव का विषय होगा तथा इससे स्थानीय रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण एवं सामाजिक समरसता को बल मिलेगा।

admin - awaz rajasthan ki

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