निकाय–पंचायत चुनाव की रणनीति पर कांग्रेस का फोकस, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन को सौंपी अहम जिम्मेदारी
जयपुर ( प्रतीक पाराशर )। आगामी निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अभी से चुनावी तैयारियों को गति दे दी है। पार्टी नेतृत्व इन चुनावों को बेहद अहम मानते हुए संगठनात्मक स्तर पर मजबूत रणनीति बनाने में जुट गया है। चुनावी जंग में बढ़त हासिल करने के लिए कांग्रेस ने चुनावी मैनेजमेंट, उम्मीदवार चयन और जमीनी पकड़ को सुदृढ़ करने की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
चुनावी तैयारियों के तहत कांग्रेस ने राजीव गांधी पंचायती राज संगठन को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। संगठन के माध्यम से निकाय और पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं व कार्यकर्ताओं के लिए कार्यशालाएं और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में प्रतिभागियों को बूथ मैनेजमेंट, पब्लिक रिलेशन, राजनीतिक नैरेटिव तैयार करने, छवि निर्माण, सोशल मीडिया संचालन और मुद्दा आधारित राजनीति जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही पूर्व पंचायत और निकाय जनप्रतिनिधियों के अनुभवों से भी संभावित प्रत्याशियों को अवगत कराया जा रहा है।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले निकाय और पंचायत चुनाव राजनीतिक दृष्टि से “सेमीफाइनल” की भूमिका निभाएंगे। चुनाव के समय तक भाजपा सरकार का आधा कार्यकाल पूरा हो चुका होगा, ऐसे में इन चुनावों के नतीजे आगामी विधानसभा चुनाव की दिशा और दशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे। यही कारण है कि कांग्रेस इन चुनावों को गंभीरता से लेते हुए जीत सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर तैयारी कर रही है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बार टिकट वितरण में भी नए प्रयोग किए जा सकते हैं। जिला अध्यक्षों की भूमिका को टिकट वितरण में अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, वहीं युवाओं को अधिक अवसर देने पर भी विशेष जोर रहेगा। कांग्रेस का उद्देश्य इन चुनावों के माध्यम से संगठन को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर अपनी राजनीतिक पकड़ को पुनः स्थापित करना है। अब देखना यह होगा कि विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस की यह रणनीति चुनावी परिणामों में कितना असर दिखा पाती है।