गर्मी की गहरी जुताई के फायदे अनेक
गर्मी की गहरी जुताई के फायदे अनेक
अजमेर, 27 अप्रैल। ग्राहृय परीक्षण केन्द्र तबीजी फार्म के उप निदेशक कृषि शस्य मनोज कुमार शर्मा ने बताया की सामान्यतः किसान खेत की जुताई का काम बुवाई के समय करते हैं परन्तु बुवाई के समय की गई जुताई से ज्यादा लाभ गर्मियों में गहरी जुताई करके खेत खाली छोड़ दिए जाने से मिलता हैं। गर्मी की जुताई यथा संभव रबी की फसल कटते ही आरम्भ कर देनी चाहिए। इससे फसल कटने के बाद मिट्टी में नमी रहने से जुताई में आसानी रहती हैं।
उन्होंने बताया कि गर्मी की जुताई 10-15 सेमी गहराई तक किसी भी मिट्टी पलटने वाले हल से करनी चाहिए। यह जुताई खेत के ढ़लान के विपरित दिशा में करनी चाहिए। इससे वर्षा जल का रुकाव अधिक होगा एवं मिट्टी नहीं बहेगी। गर्मी की जुताई करते समय ध्यान रहे की मिट्टी के बड़े-बड़े ढ़ेले बने रहे तथा मिट्टी भुरभुरी नहीं हो पाए। इससे गर्मी में हवा द्वारा मिट्टी के कटाव की समस्या हो जाती है। साथ ही ज्यादा रेतीली इलाकों में गर्मी की जुताई नहीं करे।
कार्यालय के कृषि अनुसंधान अधिकारी शस्य श्री राम करण जाट ने बताया कि गर्मी की जुताई से सूर्य की तेज किरणें भूमि के अन्दर प्रवेश कर जाती है। इससे भूमिगत कीटों के अण्डे, प्यूपा, लटे एवं वयस्क, फसलों में लगने वाले भूमिगत रोगों के रोगाणु तथा जड़ों में गांठ बनाने वाले सूत्रकृमि भी नष्ट हो जाते है। खेत की मिट्टी में ढ़ेले बन जाने से वर्षा जल सोखने की क्षमता बढ़ जाती है एवं भूमि के कटाव में भारी कमी आ जाती है। जुताई से दूब, कांस, मौथा आदि खरपतवारों में कमी आ जाती है एवं गोबर की खाद तथा अन्य कार्बनिक पदार्थ भूमि में भली-भांति मिल जाते है।