फर्जी पट्टा प्रकरणरूपनगढ़ के निवर्तमान सरपंच का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज
फर्जी पट्टा प्रकरण
रूपनगढ़ के निवर्तमान सरपंच का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज
रुपनगढ़ ग्राम पंचायत के निवर्तमान सरपंच इकबाल छीपा का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज किया गया है । आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में है। मामले के अनुसार परिवादी जमुना, प्रेमचंद, कैलाश व संतोश देवी की ओर से आरोपीगण के खिलाफ परिवाद दिया गया था। इसमें बताया कि उनके 30-40 साल से कब्जे वाले चार भूखंडों के फर्जी पट्टे बनाए गए। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता शिवा पंवार ने अदालत को बताया कि इकबाल छीपा 2005 से 2020 तक उपसरपंच रहते हुए फर्जी पट्टे बनाने के आपराधिक
षड्यंत्र में शामिल रहे । सरपंच बनने के बाद उसने बिना उचित प्रक्रिया के इन फर्जी पट्टों का नवीनीकरण किया और उन्हें बेचकर राशि हड़प ली। जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक पंकज जैन ने अदालत को बताया कि केस डायरी के अवलोकन से स्पष्ट है कि पूर्व सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी के हस्ताक्षर जाली पाए गए है। छीपा के खिलाफ पहले से छह आपराधिक प्रकरण दर्ज है, जिनमें से तीन लंबित है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि इस प्रकार के गंभीर अपराधों में जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा और ऐसे अपराधों को बढ़ावा मिलेगा। तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने आरोपी छीपा की जमानत अर्जी खारिज कर दी।