नि:शुल्क बीज नहीं मिलने से किसान परेशान, समितियों के चक्कर काटने को मजबूरकृषि विभाग की अनदेखी से खरीफ बुवाई प्रभावित, किसानों में रोष
नि:शुल्क बीज नहीं मिलने से किसान परेशान, समितियों के चक्कर काटने को मजबूर
कृषि विभाग की अनदेखी से खरीफ बुवाई प्रभावित, किसानों में रोष
हंसराज खारोल, कुशायता (पत्रकार)
कुशायता। खरीफ फसलों की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में ग्राम सेवा सहकारी समिति गोरधा, पिपलाज, कुशायता एवं आमली में नि:शुल्क बीज उपलब्ध नहीं होने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसान बीज प्राप्त करने के लिए समितियों के बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
क्षेत्र में अच्छी बारिश होने तथा मानसून के आगमन में कुछ ही दिन शेष रहने के कारण किसानों ने खेतों की जुताई कर बुवाई की तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे समय में मक्का, ज्वार, मूंग, उड़द,ढैंच, बणा, बाजरा, मूंगफली एवं तिली सहित विभिन्न फसलों के नि:शुल्क बीज उपलब्ध नहीं होने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
किसान गंगाराम मीणा, भवानीराम मीणा, गोपाललाल मीणा, हेमराज दरोगा, रामेश्वर दरोगा, ओमप्रकाश मीणा, रवी वैष्णव, रमेश सेन, रणजीत कुमावत, देवकिशन गुर्जर, मानसिंह मीणा, मेवालाल मीणा, मुलचंद बलाई, महावीर मीणा, भोलू मीणा एवं शिवराज मीणा सहित अनेक किसानों ने बताया कि बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में बीज नहीं मिलने से वे परेशान हैं। किसानों का कहना है कि समय पर बीज नहीं मिलने से फसल उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
बिसुदनी बांध की बाई नहर के अध्यक्ष गोपाल बलाई तथा दाई नहर के अध्यक्ष लक्ष्मण मीणा ने बताया कि क्षेत्र में नि:शुल्क बीज की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से किसानों में चिंता का माहौल है। उनका आरोप है कि कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उदासीनता के कारण समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
किसानों ने प्रशासन एवं कृषि विभाग से तत्काल नि:शुल्क बीज उपलब्ध करवाने की मांग की है, ताकि समय पर बुवाई कर खरीफ फसलों का उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र बीज उपलब्ध नहीं करवाए गए तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।