वीबी-जी रामजी योजना के तहत सड़क किनारों और चरागाहों में होगा सघन पौधरोपण
अजमेर। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) योजना के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सघन पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के अंतर्गत अमृत पोषण वाटिका तथा “एक पेड़ मां के नाम” कार्यक्रम को भी गति दी जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने के साथ-साथ मनरेगा के माध्यम से रोजगार और आजीविका के अवसर सृजित करना है।
हाल ही में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में मानसून सत्र के दौरान वीबी-जी रामजी योजना के तहत व्यापक पौधरोपण के निर्देश दिए गए। इसके तहत राष्ट्रीय, राज्य एवं ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों के दोनों ओर तथा चरागाह भूमि पर मनरेगा श्रमिकों के माध्यम से पौधरोपण कराया जाएगा।
योजना के प्रभावी संचालन के लिए जिला स्तर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) तथा पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारी (बीडीओ) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन्हें पौधरोपण, जियोटैगिंग और कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पौधों की सुरक्षा के लिए डिच कम बण्ड फेसिंग (खाई एवं मेड़बंदी) भी कराई जाएगी। अभियान को सफल बनाने में सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच, वार्ड पंच एवं ग्राम विकास अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
अंकुर एप से होगी जियोटैगिंग और निगरानी
योजना के तहत किए गए प्रत्येक पौधरोपण की जियोटैगिंग अंकुर एप के माध्यम से की जाएगी। पौधों का पूरा विवरण एप पर अपलोड किया जाएगा, जिससे उनकी नियमित ट्रैकिंग, निगरानी और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही मनरेगा श्रमिकों एवं महिला मेटों को कार्य उपलब्ध कराकर रोजगार की गारंटी भी सुनिश्चित की जाएगी।
फलदार, छायादार और औषधीय पौधों को मिलेगी प्राथमिकता
अभियान के तहत फलदार, छायादार और औषधीय पौधों के रोपण पर विशेष जोर दिया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से आम, नींबू, अनार, नीम और पीपल के पौधे लगाए जाएंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण परिवारों को पोषण सुरक्षा और भविष्य में अतिरिक्त आय के अवसर भी उपलब्ध होंगे।