वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे कायड़ और तारागढ़ के सरकारी स्कूल
रिक्त पदों के कारण प्रभावित हो रही पढ़ाई, ग्रामीणों ने जल्द नियुक्ति की उठाई मांग
अजमेर। प्रदेश में शिक्षकों के तबादलों की प्रक्रिया के बीच अजमेर जिले के कई सरकारी विद्यालय आज भी शिक्षकों की कमी की समस्या से जूझ रहे हैं। कायड़ और तारागढ़ स्थित दो सरकारी स्कूलों में लंबे समय से रिक्त पद नहीं भरे जाने के कारण विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले शैक्षणिक सत्र में भी पर्याप्त शिक्षकों के अभाव का असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा था और नए सत्र में भी हालात में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है।
सबसे अधिक परेशानी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कायड़ में सामने आ रही है, जहां करीब 500 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार अक्टूबर 2025 से लगातार शिक्षा विभाग के समक्ष रिक्त पदों को भरने की मांग रखी जा रही है, लेकिन अब तक न तो स्थायी नियुक्तियां हुई हैं और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
जानकारी के अनुसार विद्यालय में प्रधानाचार्य, उपप्रधानाचार्य, व्याख्याता, छह द्वितीय श्रेणी शिक्षक, दो लेवल-1 शिक्षक तथा दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों सहित कुल 13 पद खाली हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों की कमी के चलते कई विषयों की नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि तत्कालीन प्रधानाचार्य ने अक्टूबर 2025 में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सहित विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजकर रिक्त पद भरने की मांग की थी। इसके बाद जनवरी 2026 में ग्रामीणों ने भी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा, लेकिन अब तक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।
उधर, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, तारागढ़ भी स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। वर्ष 1937 से संचालित यह विद्यालय क्षेत्र का एकमात्र सरकारी स्कूल है। वर्ष 2018, 2019 और 2020 में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों के पद अब तक नहीं भरे गए हैं, जिससे कई विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।