निकाय चुनावों में बड़ा बदलाव: अब संतान संबंधी घोषणा नहीं देनी होगीराज्य निर्वाचन आयोग ने 27 वर्ष पुराना आदेश किया निरस्त, नामांकन प्रक्रिया हुई आसान
निकाय चुनावों में बड़ा बदलाव: अब संतान संबंधी घोषणा नहीं देनी होगी
राज्य निर्वाचन आयोग ने 27 वर्ष पुराना आदेश किया निरस्त, नामांकन प्रक्रिया हुई आसान
जयपुर। राजस्थान में प्रस्तावित नगर निकाय चुनावों से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए उम्मीदवारों को महत्वपूर्ण राहत दी है। अब नगरपालिका चुनाव लड़ने वाले किसी भी अभ्यर्थी से नामांकन पत्र दाखिल करते समय संतान संबंधी घोषणा (अंडरटेकिंग) नहीं ली जाएगी। आयोग ने इस संबंध में वर्ष 1999 में जारी अपना पुराना आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा 25 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना के बाद लिया गया है। सरकार ने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 2 एवं 24 में संशोधन करते हुए नगर निकाय चुनावों में दो से अधिक संतान होने के आधार पर चुनाव लड़ने की निरर्हता समाप्त कर दी है।
सरकार के संशोधित प्रावधानों के अनुरूप राज्य निर्वाचन आयोग ने 2 जून 1999 को जारी आदेश को भी समाप्त कर दिया है। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी नगर निकाय चुनावों में नामांकन प्रक्रिया के दौरान नए नियमों की पालना सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी अभ्यर्थी से संतान संबंधी घोषणा या अंडरटेकिंग नहीं ली जाए।
27 वर्ष पुराना नियम हुआ समाप्त
नगर निकाय चुनावों में दो से अधिक संतान वाले अभ्यर्थियों को अयोग्य ठहराने का प्रावधान लंबे समय से लागू था। वर्ष 1999 में बनाए गए नियम के आधार पर ही राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 में यह व्यवस्था प्रभावी रही। अब सरकार द्वारा इस प्रावधान को समाप्त किए जाने के बाद निर्वाचन आयोग ने भी संबंधित आदेश वापस ले लिया है।
आगामी नगर निकाय चुनावों में उम्मीदवारों के लिए नामांकन प्रक्रिया अब पहले की तुलना में अधिक सरल होगी और संतान संबंधी घोषणा देने की अनिवार्यता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।