अब वीबीजी रामजी योजना के कार्यों पर रहेगी अफसरों की सीधी नजर हर सप्ताह सीईओ और एसीईओ करेंगे औचक निरीक्षण, शिकायतों पर मुख्यालय को भेजनी होगी रिपोर्ट
अब वीबीजी रामजी योजना के कार्यों पर रहेगी अफसरों की सीधी नजर हर सप्ताह सीईओ और एसीईओ करेंगे औचक निरीक्षण, शिकायतों पर मुख्यालय को भेजनी होगी रिपोर्ट
अजमेर। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित वीबीजी रामजी योजना के कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। प्रदेशभर में राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विभाग ने सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एसीईओ) को हर सप्ताह कम से कम एक कार्य का औचक निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए हैं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कार्यस्थल पर पहुंचकर योजनाओं का भौतिक सत्यापन करना होगा तथा निरीक्षण रिपोर्ट सीधे विभागीय मुख्यालय को भेजनी होगी। विभाग का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों की नियमित निगरानी से कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा।
सम्पर्क पोर्टल पर बढ़ीं शिकायतें
योजना शुरू होने के कुछ ही समय बाद राजस्थान सम्पर्क पोर्टल पर बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज होने लगी हैं। शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि कई स्थानों पर नियमों की अनदेखी कर कार्य कराए जा रहे हैं और निगरानी के अभाव में निचले स्तर पर मनमानी बढ़ रही है।
इन अनियमितताओं की मिल रही हैं शिकायतें
- अपात्र व्यक्तियों को कार्य पर लगाना तथा मजदूरों की नियमित उपस्थिति नहीं होना।
- श्रमिकों से निर्धारित औजार नहीं लाना और मेट की मिलीभगत से जेसीबी मशीनों से कार्य कराना।
- बिना कार्य किए फर्जी उपस्थिति दर्ज कर भुगतान उठाने के आरोप।
- कम कार्य को अधिक माप दर्शाने तथा तकनीकी जांच में लापरवाही की शिकायतें।
- कार्यस्थलों पर टेंट, दरी, शुद्ध पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं का अभाव।
- शिकायत करने वाले ग्रामीणों पर दबाव बनाने और उनकी आवाज दबाने के आरोप।
सख्त निगरानी से सुधरने की उम्मीद
विभाग का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के नियमित औचक निरीक्षण से योजना के कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा, शिकायतों का समय पर निस्तारण होगा तथा सरकारी धन के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लग सकेगी। अब सीईओ और एसीईओ की नियमित फील्ड विजिट से योजना के क्रियान्वयन पर सीधी निगरानी रहेगी।