अजमेर को नशा मुक्त बनाने पर जोर, जिला कलक्टर ने सख्त कार्रवाई और जनजागरूकता के दिए निर्देश
अजमेर को नशा मुक्त बनाने पर जोर, जिला कलक्टर ने सख्त कार्रवाई और जनजागरूकता के दिए निर्देश
अजमेर, 22 जुलाई। जिले में नशे की रोकथाम, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को जिला कलक्टर लोक बन्धु की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) समिति की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस, आबकारी, चिकित्सा, शिक्षा एवं अन्य विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई चेन को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई जाए तथा नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोरों पर मिलने वाली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए रजिस्टरों का नियमित संधारण किया जाए तथा गैर-सरकारी संगठनों को भी नशा मुक्ति अभियान से जोड़ा जाए। संदिग्ध क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई कर आमजन का विश्वास बढ़ाने और सूचना तंत्र को मजबूत करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में पुलिस, आबकारी, चिकित्सा, शिक्षा एवं अन्य विभागों के अधिकारियों ने नशीले पदार्थों की तस्करी और सेवन की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेन्द्र कुमार मीणा ने अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा प्रस्तुत की, जबकि पुलिस विभाग ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार चल रही कार्रवाई से अवगत कराया।
जिला कलक्टर ने नशा मुक्ति केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने, युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष जागरूकता अभियान एवं सेमिनार आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोटपा एक्ट के तहत भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणेश राम एवं नरेश कुमार शर्मा, आरपीएफ के सहायक समादेशक रामेश्वर लाल मीणा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक जय प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।