जेएलएन अस्पताल में कमियां पाई गई तो जिम्मेदारी होगी तय- देवनानी
जेएलएन अस्पताल में कमियां पाई गई तो जिम्मेदारी होगी तय- देवनानी
विधानसभा अध्यक्ष ने ली अस्पताल प्रशासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग की संयुक्त बैठक
अस्पताल की पीडब्ल्यूडी चौकी को रखे अलर्ट, हर 15 दिन में करना होगा अस्पताल का संयुक्त निरीक्षण
सफाई व्यवस्था की होगी नियमित जांच, कर्मचारी कम या गैरहाजिर पाए तो होगी कार्यवाही
मरीज या परिजनों का नहीं हो किसी तरह की परेशानी
अजमेर, 28 जुलाई। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जेएलएन अस्पताल प्रशासन एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग को अस्पताल की सभी तरह की खामियां निर्धारित समय अवधि में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सफाई, बिजली, एसी, पानी, मरम्मत एवं अन्य अव्यवस्थाओं पर कहा कि जल्द सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदारी तय होगी। अस्पताल प्रशासन एवं पीडब्ल्यूडी हर 15 दिन में संयुक्त निरीक्षण करें और व्यवस्था सुधारें। अस्पताल में पीडब्ल्यूडी चौकी को अलर्ट रखा जाए। सफाई कर्मचारी गैरहाजिर या कम पाए गए तो ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। पार्किंग को लेकर आ रही शिकायतों पर भी गंभीरता से कार्यवाही करें।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मंगलवार को सर्किट हाउस में जेएलएन अस्पताल प्रशासन व सार्वजनिक निर्माण विभाग की संयुक्त बैठक ली। उन्होंने अस्पताल में पानी भरने, एसी नहीं चलने, सफाई नहीं होने, मरम्मत नहीं होने, लिफ्ट, पार्किंग में परेशानी आदि व्यवस्थाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है। प्रतिदिन हजारों मरीज यहां आते हैं। राज्य सरकार पर्याप्त वित्तीय व भौतिक संसाधन यहां उपलब्ध करा रही है। इसके बावजूद आमजन, मरीजों या परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ती है तो इसके लिए जिम्मेदारी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में पीडब्ल्यूडी की चौकी को चौबीस घंटे कार्यरत एवं अलर्ट रखा जाए। अस्पताल में मरम्मत या बिजली संबंधी किसी भी तरह की शिकायत आने पर तुरंत सुधारा जाए। जेएलएन प्राचार्य, अधीक्षक व सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी प्रत्येक 15 दिन में संयुक्त निरीक्षण कर खामियों का पता लगाएं एवं इसे सही करने के लिए तत्काल कार्यवाही करें। अस्पताल में 650 से अधिक एयर कंडीशनर हैं, यह पता लगाया जाए कि इनमें से कितने एसी कार्यरत या खराब हैं। इन्हें सुधारा या बदला जाए। अस्पताल का भवन काफी पुराना है, मरम्मत के अभाव में कहीं कोई अप्रिय घटना ना हो, इसके लिए अभी से उपचारात्मक कार्यवाही की जाए। सभी वार्डों की छतों पर वाटर प्रूफिंग का प्लान तैयार किया जाए और इसे पूरी गुणवत्ता के साथ करवाया जाए। कहीं पर नालियां या नाले जाम हैं तो उसकी सफाई कर खुलवाया जाए।
देवनानी ने सफाई व्यवस्था के बारे में प्राप्त शिकायतों को भी गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में 230 से अधिक सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं, फिर बार-बार सफाई की शिकायतें क्यों आ रही हैं। इसे तुरंत सुधारें और अगर फिर भी सुधार नहीं होता है तो ठेकेदार के विरूद्ध कार्यवाही की जाए। ज्यादा गंभीर हो तो उसे ब्लैक लिस्टेड किया जाए। अस्पताल में पार्किंग को लेकर भी शिकायतें हैं, इन्हें सुधारा जाए या कार्यवाही की जाए।
बैठक में प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया, अधीक्षक डॉ. अरविन्द खरे एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।