गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर विद्यालय में गुरु-शिष्य परंपरा का भव्य आयोजन
गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर विद्यालय में गुरु-शिष्य परंपरा का भव्य आयोजन
नसीराबाद,(अनिल लोहरे)
श्री चंद्रनाथ आदर्श विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय, देराठू रोड, नसीराबाद में बुधवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, संस्कार और भारतीय संस्कृति के भावों के साथ अत्यंत भव्य रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा और महत्व को विविध प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंकित अग्रवाल (पूर्व छात्र एवं खंड कार्यवाह) तथा विशिष्ट अतिथि कनक जी व्यास (पूर्व छात्र) रहे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश जी, समस्त आचार्यगण एवं दीदियाँ उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं दीप मंत्र के साथ किया गया। तत्पश्चात मोहन जी गुरुजी एवं आकाश जी द्वारा अतिथियों का श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में कक्षा 10 की छात्रा खुशी वैष्णव ने संत कबीरदास के दोहों का भावार्थ प्रस्तुत करते हुए गुरु के महत्व को प्रभावशाली ढंग से उजागर किया। कक्षा 8 की छात्रा मानवी सुक्रिया ने अंग्रेज़ी में गुरु द्रोणाचार्य एवं एकलव्य की प्रेरणादायक कथा प्रस्तुत कर सभी को प्रभावित किया। वहीं कक्षा 6 की छात्रा रूहानिका ने अंग्रेज़ी में गुरु के महत्व पर अपने विचार व्यक्त कर सराहना प्राप्त की।
इस अवसर पर आकाश जी ने गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए गुरु-शिष्य संबंध से जुड़ा प्रेरक प्रसंग साझा किया। प्रधानाचार्य राजेश जी ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर विद्यालय के सभी गुरुजनों एवं दीदियों का सम्मान करते हुए विद्यार्थियों को गुरु का आदर करने, उनके मार्गदर्शन का पालन करने तथा जीवन में संस्कारों को अपनाने का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि अंकित अग्रवाल ने अपने विद्यालयीन अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और संस्कारों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि गुरु का मार्गदर्शन ही जीवन को सफलता की सही दिशा प्रदान करता है।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य राजेश जी ने सभी अतिथियों, आचार्यों, दीदियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम का सम्पूर्ण वातावरण श्रद्धा, सम्मान एवं भारतीय संस्कृति के गौरव से ओत-प्रोत रहा।