पर्युषण पर्व के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने किया अभिषेक, शांतिधारा व दस लक्षण विधान पूजन
उत्तम मार्दव धर्म पर जैन मंदिरों में गूंजे भक्तिमय स्वर
पर्युषण पर्व के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने किया अभिषेक, शांतिधारा व दस लक्षण विधान पूजन
नसीराबाद। (अनिल लोहरे) दिगम्बर जैन समाज के दस दिवसीय पर्युषण पर्व के तहत गुरुवार को दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म की विशेष पूजा-अर्चना श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई। नगर के विभिन्न जैन मंदिरों में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेंद्र का कलशाभिषेक एवं शांतिधारा कर दस लक्षण विधान की विधिवत पूजा-अर्चना की।
उत्तम मार्दव धर्म के अवसर पर जैन धर्मावलंबियों ने अष्ट द्रव्यों से भगवान की पूजा कर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई। मंदिरों में भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
एडवोकेट धर्मेंद्र जैन ने बताया कि पर्युषण पर्व के दौरान प्रतिदिन सायंकाल श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में विशेष आरती का आयोजन किया जा रहा है। आरती में जैन समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर भगवान की आराधना कर रहे हैं। पर्युषण पर्व के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आत्मशुद्धि, संयम और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जा रहा है।