पंचायत चुनाव में वार्ड पंच के लिए नहीं होगा पोलिंग एजेंट
जयपुर। आगामी पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव में मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान अभिकर्ताओं (पोलिंग एजेंट) की नियुक्ति को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग के निर्देशों के अनुसार वार्ड पंच पद के लिए किसी अलग पोलिंग एजेंट की नियुक्ति नहीं की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा के अनुसार सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक मतदान अभिकर्ता नियुक्त कर सकेगा।
वहीं पंच पद के लिए अभ्यर्थी स्वयं मतदान प्रक्रिया के दौरान यह जिम्मेदारी निभाएगा। इसके अलावा सरपंच पद के लिए कोई अलग निर्वाचन अभिकर्ता नहीं होगा।
वैध फोटो पहचान पत्र जरूरी
आयोग के निर्देशों के अनुसार संबंधित पंचायत क्षेत्र का कोई भी मतदाता मतदान अभिकर्ता नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन उसके पास वैध फोटो पहचान पत्र होना अनिवार्य होगा। इसके लिए पासपोर्ट, वोटर आईडी या आयोग द्वारा मान्य अन्य पहचान पत्र स्वीकार किए जाएंगे।
मतदान केंद्र के अंदर रहते समय पोलिंग एजेंट को अपना नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र साथ रखना होगा तथा अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर इन्हें प्रस्तुत करना होगा। किसी दूसरी पंचायत के मतदाता को पोलिंग एजेंट नियुक्त नहीं किया जा सकेगा।
इन लोगों को नहीं बनाया जा सकेगा पोलिंग एजेंट
आयोग ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कुछ श्रेणियों के लोगों को मतदान अभिकर्ता बनने से प्रतिबंधित किया है। इनमें केंद्र या राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, स्थानीय निकायों के निर्वाचित पदाधिकारी, सरकारी एवं अर्द्धसरकारी संस्थानों के कर्मचारी, सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारी और मानदेय प्राप्त करने वाले व्यक्ति शामिल हैं।
इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पैरामेडिकल एवं हेल्थ केयर स्टाफ, उचित मूल्य की दुकान के डीलर तथा सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में कार्यरत व्यक्ति भी पोलिंग एजेंट नहीं बन सकेंगे।
आयोग के निर्देशों के बाद पंचायत चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों और उनके निर्वाचन एजेंटों को निर्धारित नियमों के अनुसार समय रहते मतदान अभिकर्ताओं की नियुक्ति करनी होगी, ताकि मतदान के दिन प्रक्रिया सुचारू और पारदर्शी तरीके से संचालित हो सके।