पंचायत चुनाव से पहले दोहरे नामों की जांच तेज, गलत तरीके से जुड़े नाम भी हटाए जाएंगे
जयपुर। पंचायत राज चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूचियों में दोहरे नाम और फर्जी आवेदनों को रोकने के लिए जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने जिला कलेक्टरों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को शहरी निकाय और पंचायत क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर विशेष निगरानी रखने को कहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राजेश वर्मा की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार नगरीय निकाय की मतदाता सूची में दर्ज व्यक्ति का नाम पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची में एक साथ नहीं जोड़ा जा सकेगा। चुनाव प्रक्रिया के दौरान दोहरी प्रविष्टियों को रोकने के लिए आवेदनों की गहन जांच की जाएगी।
चुनाव लड़ने के लिए नाम बदलने की शिकायतें
आयोग के अनुसार निकाय चुनाव के बाद कुछ मतदाताओं की ओर से पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के आवेदन किए जा रहे हैं। ऐसे मामलों की जांच की जा रही है। आयोग का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति पहले शहरी निकाय की मतदाता सूची में दर्ज है और पंचायत क्षेत्र में नाम जुड़वाने का प्रयास करता है, तो नियमानुसार उसकी पात्रता की जांच की जाएगी।
राजेश वर्मा के अनुसार मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया चल रही है। यदि कोई व्यक्ति अपना नाम एक स्थान से हटाकर गांव की मतदाता सूची में जुड़वाने का अनुरोध करता है, तो इस तरह के मामलों को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार देखा जाएगा।
लोक सूचना से 10 दिन पहले तक आवेदनों का निपटारा
आयोग ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों को एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। इसके तहत पंचायत चुनाव की लोक सूचना जारी होने की तारीख से 10 दिन पहले तक प्राप्त सभी मतदाता सूची संबंधी आवेदनों का निपटारा अनिवार्य रूप से किया जाना है।
आयोग ने कलेक्टरों को मतदाता सूचियों में दोहरे नाम, गलत तरीके से किए गए आवेदन और संभावित फर्जी प्रविष्टियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
पंचायत चुनाव से पहले बढ़ी सक्रियता
पंचायत चुनाव को देखते हुए गांवों और शहरों के बीच मतदाता सूची में नामों के स्थानांतरण को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। आयोग के अनुसार इसका उद्देश्य मतदाता सूची को सही रखना और एक व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होने से रोकना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।