10 से 26 नवंबर तक पुष्कर पशु मेले की धूम
कार्तिक पूर्णिमा पर 24 नवंबर को होगा पुरस्कार वितरण
पुष्कर। तीर्थनगरी पुष्कर में नवंबर का महीना पशुपालन की परंपरा और लोक-संस्कृति के रंगों से सराबोर रहेगा। पुष्कर पशु मेला 2026 की प्रस्तावित कार्यक्रम रूपरेखा के अनुसार मेला 10 नवंबर से शुरू होकर 26 नवंबर तक चलेगा। 17 दिनों के दौरान पशु प्रतियोगिताओं, विकास एवं गीर प्रदर्शनी तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
मेले का ध्वजारोहण 17 नवंबर को होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 नवंबर से मेला अवधि और मेला कार्यालय की स्थापना के साथ व्यवस्थाओं का औपचारिक क्रम शुरू होगा। 12 नवंबर को चौकियों की स्थापना की जाएगी। इसके बाद 17 नवंबर को ध्वजारोहण और सफेद चिट्ठी का कार्यक्रम होगा, जबकि 18 नवंबर को रवन्ना होगा।
सात दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम, चार दिन पशु प्रतियोगिताएं
पुष्कर मेले में 17 से 23 नवंबर तक लगातार सात दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें लोक-संस्कृति और राजस्थान की पारंपरिक कला-संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
वहीं 20 से 23 नवंबर तक चार दिन पशु प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इनमें पशुपालकों को अपने पशुओं की विशेषताओं और पालन-पोषण से जुड़े कौशल को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
20 नवंबर को विकास प्रदर्शनी एवं गीर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद 24 नवंबर, कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा को पुरस्कार वितरण समारोह होगा। दो दिन बाद 26 नवंबर को पशु मेले का समापन किया जाएगा।
एक नजर में पुष्कर पशु मेला 2026
| तारीख | कार्यक्रम |
|---|---|
| 10 नवंबर | मेला अवधि शुरू, मेला कार्यालय की स्थापना |
| 12 नवंबर | चौकियों की स्थापना |
| 17 नवंबर | ध्वजारोहण एवं सफेद चिट्ठी |
| 18 नवंबर | रवन्ना |
| 17–23 नवंबर | सांस्कृतिक कार्यक्रम |
| 20 नवंबर | विकास एवं गीर प्रदर्शनी का उद्घाटन |
| 20–23 नवंबर | पशु प्रतियोगिताएं |
| 24 नवंबर | पुरस्कार वितरण समारोह |
| 26 नवंबर | पशु मेले का समापन |