पंचायत चुनाव में बदली मतदान व्यवस्था, पंच-सरपंच के लिए बैलेट पेपर
जयपुर। राजस्थान में प्रस्तावित पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान व्यवस्था स्पष्ट कर दी है। पंच और सरपंच पद के लिए मतपत्र के जरिए मतदान कराया जाएगा, जबकि अन्य पदों के लिए ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा। आयोग ने इसके लिए चुनाव अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
चुनाव प्रक्रिया के तहत पंच और सरपंच पद के उम्मीदवारों के नामांकन से जुड़ी कार्रवाई रिटर्निंग अधिकारी और उनके साथ नियुक्त मतदान दल के कार्मिकों की देखरेख में होगी। नामांकन पत्र जमा कराने, उनकी जांच करने और नाम वापस लेने की प्रक्रिया निर्धारित व्यवस्था के अनुसार एक ही दिन पूरी की जाएगी।
नामांकन की जांच के बाद जिन उम्मीदवारों के आवेदन वैध पाए जाएंगे और जो चुनाव मैदान में बने रहेंगे, उन्हें चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। दोनों पदों के लिए चुनाव चिन्ह अलग होंगे। उम्मीदवारों की सूची हिंदी वर्णमाला के क्रम में तैयार होगी और इसी क्रम के आधार पर प्रतीक आवंटित किए जाएंगे।
अलग रंग के होंगे दोनों पदों के मतपत्र
आयोग ने पंच और सरपंच के मतपत्रों का रंग भी निर्धारित किया है। सरपंच पद के लिए सफेद और पंच पद के लिए गुलाबी रंग के मतपत्र इस्तेमाल किए जाएंगे। दोनों पदों के लिए 40-40 चुनाव चिन्हों की व्यवस्था रहेगी।
सरपंच के मतपत्र में चुनाव चिन्हों को अलग-अलग स्लिप में व्यवस्थित किया जाएगा। मुख्य मतपत्र पर 1 से 10 तक, जबकि अतिरिक्त स्लिपों पर 11 से 20, 21 से 30 और 31 से 40 तक के प्रतीक रहेंगे। प्रत्येक मतपत्र पर सात अंकों की संख्या अंकित होगी।
उम्मीदवार का नाम मतदान दल लिखेगा
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतपत्र पर संबंधित उम्मीदवार का नाम उसके आवंटित चुनाव चिन्ह के सामने निर्धारित स्थान पर मतदान दल के कार्मिकों द्वारा काले बॉल पेन से लिखा जाएगा। यह प्रक्रिया उम्मीदवारों की अंतिम सूची प्रदर्शित किए जाने के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर पूरी की जाएगी।
मतपत्रों से संबंधित दस्तावेजों को निर्धारित लिफाफों में सुरक्षित रखा जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी आवश्यकता के आधार पर मतपत्रों की संख्या तय करेंगे। अतिरिक्त मतपत्रों और स्लिप की व्यवस्था भी निर्धारित प्रतिशत के अनुसार की जाएगी।
नोटा का विकल्प भी रहेगा
मतदाताओं को इस चुनाव में नोटा यानी ‘इनमें से कोई नहीं’ का विकल्प भी मिलेगा। इसके लिए आयोग की ओर से निर्धारित नोटा प्रतीक वाले स्टीकर उपलब्ध कराए जाएंगे। इन्हें उम्मीदवारों की सूची में अंतिम नाम के बाद लगाया जाएगा।
मतपत्रों की छपाई जिला स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई जाएगी। आयोग के निर्देशों के मुताबिक मतपत्रों को निर्धारित संख्या में बंडल और पैक तैयार कर मतदान केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।