नामांकन में वाहन और लोगों की सीमा, विजय जुलूस पर भी रोक
जयपुर। प्रदेश की ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं वार्ड पंच के चुनाव मतपेटियों के माध्यम से कराए जाएंगे, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन में ईवीएम मशीनों का उपयोग किया जाएगा। चुनाव के लिए अलग-अलग जिलों में उपलब्ध ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा।
अलवर, बारां, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, श्रीगंगानगर, जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, फलोदी, सवाईमाधोपुर और सिरोही में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) की मशीनों से मतदान कराया जाएगा।
वहीं बालोतरा, बाड़मेर, डीडवाना-कुचामन, पाली, नागौर और जालोर जिलों में राजस्थान स्वामित्व की इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) द्वारा निर्मित मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
हनुमानगढ़, झुंझुनूं, सीकर, चूरू, भीलवाड़ा, उदयपुर, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, सलूम्बर, अजमेर, टोंक, बीकानेर, ब्यावर, प्रतापगढ़, राजसमंद और डूंगरपुर में मध्यप्रदेश स्वामित्व वाली इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की मशीनों से चुनाव संपन्न होंगे।
नामांकन के दौरान पांच लोगों को ही अनुमति
नामांकन दाखिल करने के समय उम्मीदवार के साथ अधिकतम पांच लोगों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान प्रत्याशियों को रैली निकालने या भीड़ जुटाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय से 100 मीटर के दायरे में वाहनों की संख्या भी निर्धारित रहेगी। जिला परिषद सदस्य के प्रत्याशी को अधिकतम तीन वाहन, पंचायत समिति सदस्य के उम्मीदवार को दो वाहन और सरपंच पद के अभ्यर्थी को अधिकतम एक वाहन लाने की अनुमति होगी।
परिणाम के बाद विजय जुलूस पर पाबंदी
निर्वाचन परिणाम घोषित होने के बाद भी प्रत्याशियों को विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। सभी उम्मीदवारों के परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस पर रोक लागू रहेगी। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।