पंचायत चुनाव में दो तरह की वोटिंग: जिपं-पंसं के लिए EVM, सरपंच-वार्ड पंच के लिए बैलेट पेपर
ईवीएम की उपलब्धता के हिसाब से तय हुई व्यवस्था, नगर निगम चुनाव में भी बाहर से मंगानी पड़ी थीं मशीनें
अजमेर। पंचायत राज चुनाव में इस बार मतदाताओं को अलग-अलग पदों के लिए मतदान की दो प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के लिए बैलेट पेपर से मतदान होगा। चुनाव अधिकारियों के अनुसार ईवीएम की उपलब्धता को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अभिषेक गोयल के अनुसार सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव के लिए जितनी ईवीएम की आवश्यकता है, उसके मुकाबले पर्याप्त मशीनें उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में उपलब्ध ईवीएम का उपयोग जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में किया जाएगा। हाल ही में हुए नगर निकाय चुनाव के दौरान भी अजमेर में ईवीएम की जरूरत पूरी करने के लिए मध्यप्रदेश से मशीनें मंगाई गई थीं। अजमेर नगर निगम चुनाव में देवास की ईवीएम का इस्तेमाल किया गया था।
एक ही चुनाव में दो माध्यमों से मतदान
पंचायत चुनाव में मतदाता जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के लिए ईवीएम पर अपना वोट दर्ज करेंगे। वहीं सरपंच और वार्ड पंच के लिए मतपत्र पर मतदान करना होगा।
दोनों व्यवस्थाओं के कारण मतदान और मतगणना की प्रक्रिया अलग-अलग रहेगी। बैलेट पेपर से होने वाले सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव की गिनती में ईवीएम वाले चुनाव की तुलना में अधिक समय लगने की संभावना है। हालांकि पंच और सरपंच के चुनाव के परिणाम मतदान वाले दिन ही घोषित किए जाएंगे।
अजमेर जिले में दो चरणों में मतदान
अजमेर जिले में पंचायत चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 23 और 29 अक्टूबर को मतदान होगा। वहीं पंच और सरपंच के चुनाव 25 और 31 अक्टूबर को होंगे।
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के परिणाम 20 नवंबर, देवउठनी एकादशी को घोषित किए जाएंगे। इसके बाद जिला प्रमुख का चुनाव 25 नवंबर और पंचायत समिति प्रधान का चुनाव 27 नवंबर को कराया जाएगा।
10 पंचायत समितियों की 261 ग्राम पंचायतों में चुनाव
अजमेर जिले की 10 पंचायत समितियों की 261 ग्राम पंचायतों में चुनाव होने हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम तथा पंच-सरपंच के लिए बैलेट पेपर की व्यवस्था के कारण प्रशासन को दोनों तरह की चुनाव सामग्री और व्यवस्थाएं अलग-अलग तैयार करनी होंगी।
मतदान दलों की नियुक्ति, चुनाव सामग्री का वितरण, मतदान केंद्रों की तैयारी और मतगणना की व्यवस्थाएं चुनाव कार्यक्रम के अनुसार की जा रही हैं।
ऐसे समझें पूरा चुनाव कार्यक्रम
- 23 अक्टूबर: जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य चुनाव
- 25 अक्टूबर: पंच-सरपंच चुनाव
- 29 अक्टूबर: जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य चुनाव
- 31 अक्टूबर: पंच-सरपंच चुनाव
- 20 नवंबर: जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य चुनाव परिणाम
- 25 नवंबर: जिला प्रमुख का चुनाव
- 27 नवंबर: पंचायत समिति प्रधान का चुनाव
किस पद के लिए कैसी वोटिंग?
ईवीएम से: जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य
बैलेट पेपर से: सरपंच, वार्ड पंच
पंच-सरपंच परिणाम: मतदान के दिन
जिला परिषद-पंचायत समिति परिणाम: 20 नवंबर