जिला परिषद टिकट के लिए भाजपा की वार्डवार स्क्रीनिंग शुरू, कांग्रेस भी जुटा रही दावेदारों का डेटा
अजमेर। पंचायतीराज चुनाव-2026 को लेकर राजनीतिक दलों ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला परिषद की 33 सीटों पर प्रत्याशी चयन से पहले भाजपा ने वार्ड स्तर पर संभावित दावेदारों की पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं कांग्रेस ने भी पंचायत चुनाव में किस्मत आजमाने के इच्छुक कार्यकर्ताओं का डेटा जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अजमेर देहात भाजपा ने जिला परिषद के सभी 33 वार्डों के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की है। इन प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में संभावित प्रत्याशियों के संबंध में जानकारी जुटाने और संगठन के साथ उनके जुड़ाव का फीडबैक लेने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक वार्ड से तीन संभावित नामों का पैनल तैयार किए जाने की बात सामने आई है।
जातीय समीकरण के साथ जनाधार पर भी नजर
भाजपा की वार्डवार कवायद में सीट के आरक्षण के साथ स्थानीय सामाजिक समीकरण को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संभावित दावेदार की संगठन में सक्रियता, क्षेत्र में पकड़, स्थानीय जनाधार और चुनाव में जीत की संभावना जैसे पहलुओं पर फीडबैक लिया जाएगा।
वार्ड स्तर से तैयार होने वाले पैनल पर पार्टी की संबंधित कमेटियां विचार करेंगी। इसके बाद सहमति बनने वाले नाम को प्रदेश संगठन स्तर पर अंतिम रूप दिया जाएगा।
भाजपा देहात जिलाध्यक्ष जीतमल प्रजापति की ओर से 33 वार्डों के प्रभारियों की घोषणा की गई है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभारियों को संबंधित क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी निभानी होगी। जिला परिषद चुनाव के लिए नरेंद्र सिंह चुंडावत को जिला संयोजक बनाया गया है।
जिला प्रमुख के समीकरण पर भी पार्टी की नजर
भाजपा की रणनीति केवल जिला परिषद सदस्यों के टिकट तक सीमित नहीं मानी जा रही है। पार्टी जिला परिषद में बहुमत हासिल कर जिला प्रमुख के चुनाव में भी मजबूत स्थिति बनाना चाहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए टिकट वितरण से पहले ही वार्डवार फीडबैक जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
पुष्कर, नसीराबाद, किशनगढ़, मसूदा और केकड़ी क्षेत्र से जुड़े वार्डों में भी संगठन के पदाधिकारियों और नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
अजमेर संभाग के लिए तीन सदस्यीय समिति
पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा प्रदेश संगठन ने संभाग स्तर पर भी चुनाव संचालन समितियों का गठन किया है। अजमेर संभाग की समिति में राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, जालोर-सिरोही के पूर्व सांसद देवजी पटेल और पूर्व मंत्री लालचंद कटारिया को शामिल किया गया है।
प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी श्रवण सिंह बागड़ी के अनुसार संभागीय समितियां चुनाव से जुड़ी संगठनात्मक गतिविधियों और संचालन में समन्वय का काम करेंगी।
कांग्रेस ने ऑनलाइन आवेदन के जरिए शुरू किया डेटा संग्रह
इधर, कांग्रेस ने भी पंचायत राज चुनाव को लेकर दावेदारों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर निगम चुनाव के दौरान दावेदारों का डेटा जुटाने की कवायद के बाद अब पंचायत चुनाव के लिए भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इच्छुक कार्यकर्ताओं से जानकारी मांगी है।
पार्टी की ओर से ऑनलाइन फॉर्म उपलब्ध कराया गया है। इसके लिए क्यूआर कोड भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ता अपनी जानकारी दर्ज करा सकते हैं।
अजमेर जिले में पंचायत राज चुनाव को लेकर कांग्रेस संगठन ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी तैयारियां मजबूत करने में जुटा है। ऑनलाइन आवेदन से मिलने वाली जानकारी के आधार पर संभावित दावेदारों का क्षेत्रवार डेटा तैयार किया जाएगा। आगे संगठनात्मक स्तर पर इसी जानकारी का इस्तेमाल स्क्रीनिंग, फीडबैक और चुनावी रणनीति तैयार करने में किया जा सकता है।
इस तरह भाजपा जहां वार्डवार प्रभारी भेजकर संभावित प्रत्याशियों का फीडबैक जुटा रही है, वहीं कांग्रेस ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से दावेदारों का डेटा तैयार करने में लगी है। दोनों प्रमुख दलों की गतिविधियों से संकेत है कि प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया चुनाव कार्यक्रम के अगले चरणों से पहले ही सक्रिय हो गई है।