भीलवाड़ा मार्ग पर 8 घंटे जाम, ग्रामीणों का आरोप गड्ढों में तब्दील हाइवे।


मेघा हाइवे पर 8 घंटे जाम में फंसे सैकड़ों वाहन।
हाइवे गड्ढों में तब्दील होने से आए दिन होरहे हादसे लगता है जाम।
ग्रामीणों में रोष। बड़ा हादसा टला।
पत्थर के स्लैब हटाने में लगा समय
शाहपुरा 31 अगस्त2025। भीलवाड़ा-शाहपुरा मेघा हाइवे पर तस्वरिया खुर्द गांव के पास रविवार तड़के 4 बजे विशाल पत्थरों के स्लैब से लदा एक ट्रोला पलट गया, जिससे हाइवे पर 8 घंटे तक जाम लगा रहा। इस हादसे के कारण दोनों ओर कई किलोमीटर तक सैकड़ों वाहन फंसे रहे, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गनीमत रही कि घनी बस्ती के बीच हुए इस हादसे में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन सड़कों की जर्जर स्थिति और टोल एजेंसी की लापरवाही पर ग्रामीणों और चालकों में गुस्सा देखा गया।
जानकारी के अनुसार तस्वरिया खुर्द गांव में मेघा हाइवे पर सुबह करीब 4 बजे तेज धमाके के साथ ट्रोला पलट गया। ट्रोले में लदे विशाल पत्थरों के स्लैब सड़क पर बिखर गए, जिससे हाइवे पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। हादसे की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन भारी-भरकम स्लैब हटाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। कई बड़े संसाधनों के इस्तेमाल के बाद दोपहर 12 बजे तक जाम को पूरी तरह खोला जा सका।
सड़कों की दुर्दशा और हादसों का कारण: सत्येंद्र भंडारी, गणेश गाडरी, राजवीर सिंह, बद्रीलाल जाट आदि ग्रामीणों और वाहन चालकों ने मेघा हाइवे की बदहाल स्थिति को हादसे का प्रमुख कारण बताया। हाइवे पर बड़े और गहरे गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। एक्सप्रेस-वे की ओर जाने वाले वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण हाइवे पर गड्ढों की समस्या और गंभीर हो गई है, जिससे हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।
टोल वसूली पर सवाल: हाइवे पर टोल वसूली के बावजूद सड़कों की मरम्मत न होने से ग्रामीणों और चालकों में भारी रोष है। उनका कहना है कि टोल एजेंसी पूर्ण टोल वसूल रही है, लेकिन सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। ग्रामीणों ने पुलिस, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर भी उदासीनता का आरोप लगाया।
कई किलोमीटर लगा लम्बा जाम:- हादसे के बाद हाइवे पर दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घनी बस्ती होने के कारण छोटे वाहन और दुपहिया वाहन भी वैकल्पिक रास्तों से नहीं निकल सके। बारिश के कारण वैकल्पिक मार्गों पर भी हालात खराब थे, जिससे हल्के वाहनों को लंबी दूरी तय कर गंतव्य तक पहुंचने में समय लगा। पुलिस ने भीलवाड़ा और शाहपुरा की ओर जाने वाले छोटे वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया, लेकिन जाम की स्थिति को नियंत्रित करने में काफी समय लगा।
बड़ा हादसा टला:- हादसा उस स्थान पर हुआ, जहां हाइवे के दोनों ओर कच्चे मकान हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यदि ट्रोला मकानों की ओर पलटता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सड़कों की खराब स्थिति और टोल एजेंसी की लापरवाही ने इस हादसे को और गंभीर बना दिया।
ग्रामीणों की मांग:- ग्रामीण सत्येंद्र भंडारी, गाडरी आदि ग्रामीणों और वाहन चालकों ने मांग की है कि मेघा हाइवे की तत्काल मरम्मत की जाए और टोल एजेंसी को सड़कों के रखरखाव के लिए जवाबदेह बनाया जाए। साथ ही, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से हाइवे की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।