वन स्टेट-वन इलेक्शन के तहत होंगे पंचायत-निकाय चुनाव, 17 नवंबर तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई कैबिनेट बैठक में पंचायत राज एवं शहरी निकाय चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सरकार ने आगामी पंचायत एवं निकाय चुनाव ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ की भावना के अनुरूप एक साथ कराने का निर्णय लिया है। मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि 17 नवंबर तक शहरी निकाय और पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
कैबिनेट ने अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को भी मंजूरी दी। मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि ओबीसी आरक्षण जनसंख्या के आधार पर निर्धारित किया जाएगा, लेकिन न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कुल आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा को पार नहीं किया जाएगा। चुनाव से पहले लॉटरी प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी।
दो साल तक चलती रही चुनाव प्रक्रिया
जोगाराम पटेल ने कहा कि पूर्व में पंचायती राज और निकाय चुनाव अलग-अलग समय पर होने के कारण चुनाव प्रक्रिया करीब दो साल तक चलती रही। इससे विकास कार्य प्रभावित होने के साथ सरकारी संसाधनों और धन का भी खर्च होता है। इसी को देखते हुए सरकार ने 2024-25 के बजट में ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि जिन निकायों का कार्यकाल जनवरी और फरवरी में समाप्त होना है, उनके चुनाव भी इसी प्रक्रिया के तहत कराए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य सभी संबंधित पंचायत एवं निकाय चुनावों को एक साथ पूरा करना है।
सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति तक मिलेगा बीमा कवर
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि कैबिनेट ने राजस्थान सरकारी कर्मचारी बीमा अधिनियम एवं बीमा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। अब सरकारी कर्मचारियों को बीमा लाभ वास्तविक सेवानिवृत्ति तक मिलेगा।
उन्होंने बताया कि पहले जिस वर्ष कर्मचारी सेवानिवृत्त होता था, उस वर्ष की 1 अप्रैल से बीमा राशि से संबंधित व्यवस्था लागू होती थी। अब कर्मचारी को वास्तविक सेवानिवृत्ति की तारीख तक बीमा कवर मिलेगा और सेवानिवृत्ति के साथ बीमा राशि का लाभ मिल सकेगा।
मजदूरी संहिता 2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने मजदूरी संहिता 2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत मजदूरी दरों के निर्धारण के लिए वैज्ञानिक प्रक्रिया अपनाने तथा वर्ष में दो बार मजदूरी दरों में संशोधन का प्रावधान किया गया है। मजदूरी दरों में 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को संशोधन किया जाएगा।
काम के घंटों को लेकर भी प्रावधान किए गए हैं। प्रतिदिन अधिकतम साढ़े 10 घंटे और सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम की सीमा रहेगी। लगातार पांच घंटे काम के बाद आधे घंटे का विश्राम देना होगा। कर्मचारियों को वेतन पर्ची देना अनिवार्य होगा और अतिरिक्त कार्य के लिए ओवरटाइम का भुगतान किया जाएगा।
ग्रामीण रोजगार और वन नीति को मंजूरी
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में आजीविका मिशन ग्रामीण को शुरू करने का भी अनुमोदन किया गया। इसके तहत ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार सुरक्षा बढ़ाने और 125 दिवस की वैधानिक रोजगार गारंटी का प्रावधान किया गया है।
कैबिनेट ने फॉरेस्ट पॉलिसी को भी मंजूरी दी। ‘ट्री आउटसाइड फॉरेस्ट’ नीति के तहत अगले पांच वर्षों में प्रदेश में 50 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। ‘मिशन हरियालो राजस्थान’ के तहत अब तक दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए जाने की जानकारी दी गई, जबकि इस वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है।
तीन सौर परियोजनाओं को मंजूरी
बैठक में बीकानेर और जैसलमेर में तीन सौर परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही भू-राजस्व एवं नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़े नियमों में संशोधन किया गया। नए प्रावधान के तहत संबंधित परियोजनाओं में 10 प्रतिशत भूमि पौधरोपण के लिए अनिवार्य किए जाने की व्यवस्था की गई है।
एग्रो-फूड प्रोसेसिंग और फूड पार्क नीति को मंजूरी
मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि कैबिनेट ने राजस्थान एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग नीति 2026 और राजस्थान फूड पार्क नीति 2026 को मंजूरी दी है। इन नीतियों का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में वैल्यू एडिशन, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
नीति के तहत किसानों और किसान समितियों को लाभ पहुंचाने के साथ खेत से उपभोक्ता तक खाद्य उत्पादों के संरक्षण, भंडारण और प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके अलावा राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम 2026 को भी मंजूरी दी गई। श्रम संबंधी विवादों की शिकायत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज की जा सकेगी। यूनियन चुनाव में निष्पक्षता के लिए गुप्त मतदान तथा कार्यस्थल स्तर पर शिकायतों के निवारण की व्यवस्था की जाएगी।
बारिश की स्थिति की समीक्षा करेंगे मंत्री
कैबिनेट बैठक में मानसून से उत्पन्न परिस्थितियों की भी समीक्षा की गई। सभी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर बारिश से उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने और स्थानीय स्तर से फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए हैं।