पंचायती राज चुनावों की रूपरेखा तय 29 दिसंबर को वार्ड प्रारूप जारी, पुनर्गठन व पुनर्सीमांकन प्रक्रिया प्रारंभ
अजमेर | जिला प्रशासन ने आगामी पंचायत चुनावों के लिए वार्डों का पुनर्गठन, नए सृजन, पुनर्सीमांकन की तैयारी शुरू कर दी है। जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य और सरपंचों के पद बढ़ेंगे। नई पंचायतें भी सृजित होंगी। वार्डों का पुनर्गठन वर्ष 2011 की जनगणना को आधार मानकर किया जा रहा है। पुनर्गठन के बाद जिले की ग्रामीण राजनीति का परिदृश्य बदलेगा। कई दिग्गजों की सियासी जमीन खिसकेगी तो कई नए दावेदार ग्रामीण राजनीति में नया चेहरा बनेंगे।
वर्तमान में जिले में 29 ग्राम पंचायतें हैं। इनके जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और सरपंचों के चुनाव होंगे। इनके लिए वार्डों का पुनर्गठन, नव सृजन, पुनर्सीमांकन होगा। इनकी तिथियों घोषित कर दी हैं। वार्डों का प्रारूप प्रकाशन 29 दिसंबर को होगा। 30 दिसंबर से 5 जनवरी तक दावे और आपत्तियां लेते हुए निस्तारण किया जाएगा। अंतिम प्रकाशन 8 जनवरी 2026 को होगा। ग्राम पंचायतों के वार्डों (निर्वाचन क्षेत्रों का गठन एवं अंतिम प्रकाशन, संबंधित उपखंड अधिकारी तथा पंचायत समितियों, जिला परिषद के वार्डों के गठन एवं अंतिम प्रकाशन कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। कवायद पूरी होने के बाद 2 वार्ड बढ़ेंगे। वार्डों की संख्या 38 से बढ़कर 40 होगी।
जिला परिषद, पंचायत समिति के
सदस्य और सरपंचों के पद बढ़ेंगे जिला परिषद का एक सदस्य बढ़ेगा। सदस्यों की संख्या 32 से बढ़कर 33 जो जाएगी। 27 सरपंच बढ़ेंगे। वर्तमान में सरपंचों की संख्या 238 है। ग्राम पंचायत सदस्य भी बढ़ेंगे। पंचायत समितियों 9 से बढ़कर 10 होंगी। जिले में बड़लिया ग्राम पंचायत नई पंचायत समिति बनेगी। जबकि जवाजा और मसूदा पंचायत समिति को ब्यावर जिला परिषद में शामिल किया गया। पंचायत समिति पीसांगन के लिए उपखंड अधिकारी पीसांगन को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। श्रीनगर के लिए नसीराबाद, अरांई के लिए अरांई, सिलोरा के लिए किशनगढ़, केकड़ी के लिए केकड़ी, सावर के लिए सावर, सरवाड़ के लिए सरवाड़, भिनाय के लिए भिनाय, अजमेर ग्रामीण के लिए पुष्कर तथा बड़लिया के लिए उपखंड अधिकारी अजमेर को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है।