शाहपुरा में पशु तस्करों का आतंक:


80 भैंस चोरी, ग्रामीणों ने एसपी से लगाई गुहार।
ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप।
तस्करों को पकड़वाने के बावजूद पुलिस की ढिलाई पर उठे सवाल।
शाहपुरा 25 मार्च 2026। क्षेत्र में कुछ माह से पशु चोरी और तस्करी की बढ़ती घटनाओं ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में भैंस तस्कर सक्रिय हैं, जो रात के अंधेरे में गांवों से पशु उठा ले जाते हैं और उन्हें दूर-दराज के जिलों में औने-पौने दामों पर बेच देते हैं। स्थानीय पुलिस की कथित निष्क्रियता से क्षुब्ध होकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह से न्याय की गुहार लगाई और लिखित शिकायत पत्र सौंपा।
ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे रामजस गुर्जर ने बताया कि फतहपुरा, मूसा, मुंशी, समेलिया, फुलियाखुर्द और बेस्की जैसे अनेक गांवों से अब तक लगभग 80 भैंसे चोरी हो चुकी हैं। यदि एक भैंस की औसत कीमत 35 हजार रुपये भी मानी जाए, तो यह करीब 28 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान है। ग्रामीण भैरु गुर्जर, मनोज गुर्जर सुखा गाडरी, भोपाल सिंह, चंद्रा भील, बद्री भील, सत्यनारायण वैष्णव, दुदा राम गुर्जर, रामप्रसाद गुर्जर, चैनू लाल गुर्जर, देबी लाल गुर्जर ने शाहपुरा पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय थाने के स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ समय पहले ग्रामीणों ने खुद हिम्मत दिखाकर एक तस्कर को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। पकड़े गए व्यक्ति ने पूछताछ में अपनी गैंग के सदस्यों और तस्करी के ठिकानों के बारे में भी जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश नहीं किया। पुलिस की इसी अनदेखी के कारण तस्करों के हौसले बुलंद हैं। 15 मार्च की रात 5 भैंस चोरी हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि एसपी सिंह ने ग्रामीणों की व्यथा सुन मामले की गंभीरता से जांच करवा कार्रवाई का आश्वासन दिया।