झील किनारे गूंजा योग का संदेश, लेक फ्रंट पर सैकड़ों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
झील किनारे गूंजा योग का संदेश, लेक फ्रंट पर सैकड़ों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
अजमेर, 21 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को प्रातः मित्तल हॉस्पिटल के सामने स्थित लेक फ्रंट पर सामूहिक योगाभ्यास का भव्य आयोजन किया गया। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर झील के शांत एवं सुरम्य वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं, पुरुषों एवं वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रातः 6 बजे से 7:30 बजे तक चले इस योग सत्र में स्वास्थ्य, संतुलन और मानसिक शांति का संदेश दिया गया।योग शिक्षक डॉ. नेमीचंद तंबोली ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार प्रतिभागियों को विभिन्न योग क्रियाओं एवं आसनों का अभ्यास कराया। कार्यक्रम का शुभारंभ सूक्ष्म व्यायाम एवं शरीर को योगाभ्यास के लिए तैयार करने वाली गतिविधियों से हुआ। इसके पश्चात प्रतिभागियों ने ग्रीवा संचालन, स्कंध संचालन, कटि संचालन सहित विभिन्न शारीरिक अभ्यास किए, जिससे शरीर की जकड़न दूर होने के साथ लचीलापन बढ़ाने में सहायता मिली।योग शिक्षक विनोद विजयवर्गीय एवं ईश्वर देवड़ा ने विभिन्न योगासनों का प्रदर्शन करते हुए उपस्थित जनों का मार्गदर्शन किया। योग सत्र में ताड़ासन, वृक्षासन, अर्धचक्रासन, अर्धहलासन तथा शवासन जैसे महत्वपूर्ण आसनों का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने प्रत्येक आसन के शारीरिक एवं मानसिक लाभों की जानकारी देते हुए सही विधि से अभ्यास करने पर बल दिया।प्राणायाम सत्र के दौरान कपालभाति, अनुलोम-विलोम एवं भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित प्राणायाम से श्वसन तंत्र मजबूत होता है, मानसिक तनाव कम होता है तथा एकाग्रता एवं सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है। योगाभ्यास के दौरान प्रतिभागियों ने पूरे मनोयोग एवं अनुशासन के साथ अभ्यास कर योग के वास्तविक स्वरूप को आत्मसात किया।झील के किनारे बहती शीतल हवा, स्वच्छ वातावरण और उगते सूर्य की सुनहरी किरणों के बीच किया गया यह योगाभ्यास प्रतिभागियों के लिए एक विशेष एवं अविस्मरणीय अनुभव बन गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि प्रकृति की गोद में योग करने से मन को अद्भुत शांति एवं ऊर्जा का अनुभव होता है।योगाभ्यास के उपरांत आयोजित अनुभव साझा सत्र में महिलाओं एवं पुरुषों ने नियमित योग से अपने जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों की चर्चा की। वक्ताओं ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और आत्मिक विकास का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।उल्लेखनीय है कि लेक फ्रंट पर पिछले तीन वर्षों से नियमित रूप से योग कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में शहरवासी प्रतिदिन योगाभ्यास करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम योग के प्रति बढ़ती जन-जागरूकता एवं लोगों की सक्रिय सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा।कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई। योग, स्वास्थ्य और सामूहिक सहभागिता के इस आयोजन ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उद्देश्य — “स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज” — को सार्थक रूप से अभिव्यक्त किया।