राजस्थान में IAS-IPS समेत कई अधिकारियों के तबादले तय, चुनाव आयोग ने दिए निर्देश

राजस्थान में IAS-IPS समेत कई अधिकारियों के तबादले तय, चुनाव आयोग ने दिए निर्देश
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जयपुर। राजस्थान में प्रस्तावित पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों से पहले बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 15 अगस्त तक गृह जिले या गृह क्षेत्र में तैनात अधिकारियों एवं लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों का तबादला किया जाए, ताकि चुनाव निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए जा सकें।

आयोग के आदेश के अनुसार संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक (एसपी), अतिरिक्त कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी), जिला आबकारी अधिकारी, उपखंड अधिकारी (एसडीएम), सहायक कलेक्टर, तहसीलदार, डीएसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों पर यह आदेश लागू होगा। माना जा रहा है कि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों सहित बड़ी तबादला सूची 15 अगस्त से पहले जारी हो सकती है।

जयपुर-जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट भी दायरे में

निर्देशों के तहत जयपुर और जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, डीसीपी और एसीपी के साथ-साथ नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के आयुक्त, उपायुक्त एवं अधिशासी अधिकारियों के तबादले भी किए जाएंगे। आयोग का कहना है कि जिन अधिकारियों की लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती है या जो अपने गृह क्षेत्र में कार्यरत हैं, उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं, इसलिए उन्हें हटाया जाना आवश्यक है।

पंचायत स्तर तक होंगे तबादले

आयोग ने पंचायत स्तर पर भी बड़े बदलाव के निर्देश दिए हैं। इसके तहत विकास अधिकारी (बीडीओ), थानाधिकारी, आबकारी निरीक्षक, नायब तहसीलदार, पुलिस उपनिरीक्षक (पीएसआई) सहित अन्य अधिकारियों के तबादले किए जाएंगे।

तीन साल से अधिक एक जगह तैनात अधिकारी होंगे प्रभावित

राज्य निर्वाचन आयोग ने 30 नवंबर 2026 को कटऑफ तिथि निर्धारित करते हुए निर्देश दिए हैं कि पिछले चार वर्षों में किसी जिले, नगरीय निकाय या पंचायत समिति में तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक पदस्थ रहे अधिकारियों को भी स्थानांतरित किया जाए।

लापरवाह अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से दूर रखा जाएगा

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पिछले चुनावों में लापरवाही या अनुशासनहीनता के आरोपों में कार्रवाई झेल चुके अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से दूर रखा जाएगा। साथ ही चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद आयोग की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी अधिकारी का तबादला नहीं किया जा सकेगा।

15 नवंबर तक पूरी होगी चुनाव प्रक्रिया

उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार पहले ही राजस्थान हाईकोर्ट में शपथ-पत्र देकर 15 नवंबर 2026 तक पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने का आश्वासन दे चुकी है। ऐसे में आगामी दिनों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है।

admin - awaz rajasthan ki

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