PM आवास के बाहर कांग्रेस का हाई-वोल्टेज प्रदर्शन, Rahul Gandhi हिरासत में
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन देर शाम तक जारी रहा। प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हिरासत में ले लिया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई नेताओं को पुलिस ने धरनास्थल से हटाया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विपक्ष के कई अन्य नेता भी हिरासत में लिए गए।
पुलिस ने प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने ले जाया, जबकि राहुल गांधी को छत्रपाल स्टेडियम में रखा गया। प्रियंका गांधी से मिलने के लिए कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं।
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास के निकट चल रहे लगभग तीन घंटे के धरने के दौरान सरकार की ओर से राहुल गांधी से दो बार बातचीत की गई, लेकिन सहमति नहीं बनने पर शाम करीब साढ़े छह बजे पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त कराने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच करीब आधे घंटे तक धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया और बाद में राहुल गांधी सहित कई नेताओं को पुलिस बसों में बैठाकर हिरासत में ले लिया।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गोविंद मोहन ने राहुल गांधी से करीब 20 मिनट तक बातचीत की। इसके बाद डॉ. जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा की और पुनः राहुल गांधी से वार्ता की।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि राहुल गांधी की पहली मांग NEET मुद्दे पर संसद में चर्चा कराने की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया था। उनके अनुसार, इसके बाद कांग्रेस ने दूसरी मांग के रूप में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी रख दी, जिस पर सहमति नहीं बन सकी।
दिल्ली में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास बताया है, जबकि सरकार की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई को आवश्यक बताया जा रहा है।