लंबित बिल, मस्टररोल और एफटीओ का जल्द निस्तारण करने के निर्देश, देरी पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही
लंबित बिल, मस्टररोल और एफटीओ का जल्द निस्तारण करने के निर्देश, देरी पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही
जयपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं विकसित भारत-जी रामजी (VB-GRAM G) योजना के तहत लंबित भुगतान और प्रशासनिक कार्यों में हो रही देरी पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा के बाद भी लंबित मामलों में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
आयुक्त ने बताया कि मनरेगा के तहत 30 जून 2026 तक के मस्टररोल और बिल-वाउचर की ऑनलाइन प्रविष्टि की अंतिम तिथि केंद्र सरकार द्वारा 20 जुलाई तक बढ़ाई गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस अवधि के सभी लंबित कार्यों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि श्रम मद की राशि राज्य स्तर से पंचायत समितियों को जारी की जा चुकी है। ऐसे में जुलाई के प्रथम पखवाड़े का मजदूरी भुगतान पखवाड़ा समाप्त होने के सात दिनों के भीतर श्रमिकों के बैंक खातों में पहुंचना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
आयुक्त ने सामग्री मद के भुगतान की धीमी प्रगति पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि सामग्री मद के भुगतान के लिए 735 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, लेकिन अब तक केवल 487 करोड़ रुपये ही व्यय हो पाए हैं। इसके अलावा 87 करोड़ रुपये के बिल अभी तक जिला एवं ब्लॉक स्तर से राज्य स्तर पर नहीं भेजे गए हैं, जबकि 16 करोड़ रुपये के एफटीओ (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) भी लंबित हैं।
उन्होंने सभी जिला परिषदों और पंचायत समितियों को निर्देश दिए कि लंबित भुगतान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का समयबद्ध निस्तारण कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।