संभागीय अतिरिक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार ने बिजौलिया व मेनाल क्षेत्र का किया सघन दौराबीमा कराने खुद पहुंचे मेनाल के बीहड़ों में
संभागीय अतिरिक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार ने बिजौलिया व मेनाल क्षेत्र का किया सघन दौरा
बीमा कराने खुद पहुंचे मेनाल के बीहड़ों में
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का शत-प्रतिशत लक्ष्य 15 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश
प्रत्येक एआई कार्यकर्ता को प्रतिदिन न्यूनतम 2 कृत्रिम गर्भाधान करने के दिए सख्त आदेश
अजमेर, 28 जुलाई। पशुपालन विभाग के संभागीय अतिरिक्त निदेशक डॉ. नवीन परिहार ने भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया एवं मेनाल क्षेत्र का सघन दौरा कर विभागीय योजनाओं और पशुपालक कल्याणकारी गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान डॉ. परिहार स्वयं मेनाल के दुर्गम एवं कठिन बीहड़ क्षेत्र में पहुंचे और वहां मौजूद पशुपालकों से सीधा संवाद स्थापित किया।
मेनाल के बीहड़ क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान कुछ भेड़पालकों ने मौके पर मौजूद विभागीय कार्मिकों एवं सर्वेयर एजेंसी द्वारा अपनी भेड़ों का बीमा करवाने तथा उनके कान में टैग लगाने से मना कर दिया। इस पर संभागीय अतिरिक्त निदेशक ने पशुपालकों से समझाइश की, इस पर उन्होंने विचार के लिए एक दिन का समय मांगा। डॉ. परिहार ने उपस्थित टीम को योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए आवश्यक और सख्त निर्देश प्रदान किए।
इसके पश्चात डॉ. परिहार ने संयुक्त निदेशक कार्यालय, भीलवाड़ा में विभागीय प्रगति एवं प्राथमिकताओं की समीक्षात्मक बैठक ली। इस बैठक में संयुक्त निदेशक डॉ. गोपाल शर्मा, उपनिदेशक डॉ. रोशन शर्मा, एसवीओ डॉ. कमलेश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
तत्पश्चात उन्होंने प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय (बीवीएचओ) बिजौलिया का गहन निरीक्षण किया तथा नोडल क्षेत्र के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बैठक कर विभागीय लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर एसवीओ डॉ. राजेश कुमार धाकड़, वीओ डॉ. सचिन कुमार, वीओ डॉ. रोहित धाकड़, एलआई श्री प्रभु दयाल, एलएसआई श्री बालकिशन एवं एलएसआई सुश्री प्रियंका सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
दौरे के दौरान विभागीय गतिविधियों की समीक्षा करते हुए डॉ. परिहार ने कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण (एचएस, बीक्यू, ईटीवी व लम्पी), मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना तथा उष्ट्र विकास योजना के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।
उन्होंने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के पंजीकरण का लक्ष्य अगले 15 दिवस में पूर्ण करने हेतु कार्मिकों को पाबंद किया तथा 15 अगस्त 2026 तक शत-प्रतिशत बीमा लक्ष्य अर्जित करने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही कृत्रिम गर्भाधान के शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने हेतु प्रत्येक कृत्रिम गर्भाधानकर्ता को प्रतिदिन न्यूनतम 2 एआई करने का लक्ष्य दिया गया।
निरीक्षण की कड़ी में बिजौलिया स्थित 1962 मोबाइल वेटनरी यूनिट का भी निरीक्षण किया गया तथा उपस्थित स्टाफ को पशुपालकों को त्वरित और संतोषप्रद चिकित्सा सेवा प्रदान करने हेतु पाबंद किया गया।