सीईओ की दो दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला—स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के मोबाइल ऐप का हुआ शुभारंभ

सीईओ की दो दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला—स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के मोबाइल ऐप का हुआ शुभारंभ
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सीईओ की दो दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला—
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के मोबाइल ऐप का हुआ शुभारंभ

जयपुर, 5 अगस्त। राज्य को स्वच्छ बनाने में स्वच्छ भारत मिशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। खुले में शौच से मुक्त(ओडीएफ) गांव, ग्राम पंचायत, जिला बनाने के बाद यहां कचरा एकत्रीकरण और निस्तारण की आधुनिकतम तकनीक युक्त व्यवस्था कर ओडीएफ प्लस अभियान चलाया गया। इस ओडीएफ अभियान की सततता सुनिश्चित करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में जयपुर स्थित एक होटल में जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ दो दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार को इस कार्यशाला में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर तथा पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यशाला में श्री मदन दिलावर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन ने देशभर में स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता और जनभागीदारी को नई दिशा दी है। राज्य सरकार भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर राजस्थान के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

श्री दिलावर ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में प्रगति केवल कागजों पर नहीं बल्कि धरातल पर वास्तविक परिवर्तन के रूप में दिखाई देनी चाहिए। योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए तथा ओडीएफ प्लस की उपलब्धियों को स्थायी बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी, जनभागीदारी और आधुनिक तकनीक का उपयोग हो। इसी उद्देश्य से राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग मोबाइल एप्लीकेशन विकसित किया गया है, जिससे ग्राम पंचायत स्तर तक कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से प्लास्टिक मुक्त राजस्थान के निर्माण का संकल्प लेने का भी आह्वान किया।

दिलावर ने कहा कि बर्तन बैंक, स्वच्छता, मृत पशुओं के वैज्ञानिक निस्तारण, गोबरधन योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चरागाह विकास आधारित गौमाता आश्रय स्थल, ‘एक गाँव-एक चरागाह‘ अभियान, पंचायत बैठकों एवं जनसुनवाई की प्रभावशीलता, अतिक्रमण हटाने, स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने, लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण, घुमंतू परिवारों को भूमि आवंटन, ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देते हुए प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू स्तर पर स्वच्छता रखने का आव्हान किया, स्वच्छता की सामूहिक जिम्मेदारी है। अतः सभी को इस स्वच्छता के महायज्ञ में सहभागी बनना है।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि यह मोबाइल एप्लीकेशन एक अभिनव पहल है, जिससे स्वच्छता कार्यों की निगरानी और अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने सभी जिलों से मोबाइल एप्लीकेशन का अधिकतम उपयोग करने तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत में बर्तन बैंक जैसी जनहितकारी पहल को बढ़ावा देने और ओडीएफ प्लस की सततता बनाए रखने का आह्वान किया।

शासन सचिव एवं आयुक्त, पंचायती राज डॉ. जोगाराम ने सभी जिलों से आए हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वच्छता के क्षेत्र में राजस्थान ने बहुत अच्छी पहल की है एवं उसकी निरंतरता कायम रखते हुए शेष बचे हुए कार्यों को पूर्ण कर प्रदेश को ओडीएफ प्लस की मॉडल श्रेणी में लाने के लिए अब थोड़ी और मेहनत की जरूरत है जिससे लक्ष्य की प्राप्ति हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी सम्बंधित अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 की अनुपालना कर कार्यक्रम की प्रगति सुनिश्चित करवाएं।

एसबीएमजी मोबाइल ऐप का शुभारम्भ—

इस अवसर पर श्री दिलावर ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के मोबाइल ऐप का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि यह ऐप मिशन की गतिविधियों की निगरानी, पारदर्शिता और कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ऐप में फील्ड मॉनिटरिंग, उपस्थिति, फ्लीट ट्रैकिंग, सरकारी योजनाएँ, वॉलंटियर प्रबंधन तथा रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले सम्मानित—

कार्यशाला के दौरान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित किया गया। वर्ष 2025-26 में विभिन्न घटकों में सर्वाधिक प्रगति अर्जित करने वाले जिलों में श्रीगंगानगर प्रथम, हनुमानगढ़ द्वितीय एवं प्रतापगढ़ तृतीय स्थान पर रहे। वर्ष 2026 में प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान के तहत भीलवाड़ा ने प्रथम, जयपुर ने द्वितीय तथा हनुमानगढ़ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान-2026 में सोशल मीडिया पर सर्वाधिक पोस्ट एवं टैग करने की श्रेणी में भीलवाड़ा प्रथम, सवाई माधोपुर द्वितीय तथा बारां तृतीय स्थान पर रहा। वहीं, प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान-2026 में प्लास्टिक कचरे का उपयोग वेस्ट टू आर्ट में करने में राजसमंद जिले को प्रथम स्थान प्राप्त होने पर सम्मानित किया गया।

प्रथम पुरस्कार के रूप में एक लाख एक हजार रुपये, द्वितीय पुस्कार के रुप में 51 हजार रुपये का चेक, तथा तृतीय पुरस्कार में 21 हजार रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट किये गये।

स्वच्छता नवाचार प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केन्द्र—
राज्य स्तरीय दो दिवसीय सीईओ परामर्श कार्यशाला के प्रथम दिवस पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) राजस्थान की स्वच्छता नवाचार प्रदर्शनी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही।

प्रदर्शनी में आरआरआर सेंटर, बर्तन बैंक, सफाईमित्र सुरक्षा हेतु पीपीई किट, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों सहित ओडीएफ प्लस की स्थिरता को सुदृढ़ बनाने वाली विभिन्न नवाचारात्मक पहलों एवं तकनीकी समाधानों का प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की निदेशक सुश्री सलोनी खेमका तथा जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग की निदेशक श्रीमती कल्पना अग्रवाल, श्री ऋषभ हिमानी, यूनिसेफ प्रतिनिधि, सहित विभागीय अधिकारी, सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अन्य राज्यों से आए विषय विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।
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admin - awaz rajasthan ki

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