34 पार्षदों तक सिमटी भाजपा का बैकडोर से महापौर बनाने का कुचक्र, कांग्रेस का आंकड़ा 44 पार -विवेक पाराशर
: 34 पार्षदों तक सिमटी भाजपा का बैकडोर से महापौर बनाने का कुचक्र, कांग्रेस का आंकड़ा 44 पार -विवेक पाराशर
अजमेर नगर निगम के महापौर पद के चुनाव को लेकर आज
काफी हंगामा हुआ काग्रेस पार्टी के जिला उपाध्यक्ष विवेक पाराशर ने मोर्चा संभाला उन्होंने बताया की जांच के दौरान सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की हताशा और तानाशाही का काला चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है। भाजपा यह अच्छी तरह जानती है कि उनके पास केवल 34 जीते हुए पार्षद ही हैं और उनके समर्थन में एक भी निर्दलीय पार्षद नहीं है, जबकि कांग्रेस पार्टी मजबूती के साथ 44 का आंकड़ा पार कर चुकी है। अपनी आसन्न हार को देखते हुए और बहुमत के अभाव में भाजपा अब ‘बैकडोर’ से नगर निगम का महापौर बनाने के लिए सत्ता का जमकर दुरुपयोग कर रही है और अनैतिक हथकंडे अपना रही है।
आज नामांकन पत्रों की संवीक्षा के दौरान भाजपा प्रत्याशी अनामिका की ओर से कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल के खिलाफ एक आपत्ति दर्ज कराई गई, जिसमें यह कहा गया कि कांग्रेस प्रत्याशी पर नगर निगम का कर बकाया है, इसलिए उनका नामांकन खारिज किया जाए।
इस आपत्ति पर कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से विधिक प्रतिनिधि एडवोकेट विवेक पाराशर रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष उपस्थित हुए और जवाब प्रस्तुत करने के लिए एक घंटे का समय मांगा। नियमानुसार 3:00 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होनी थी, लेकिन साजिश के तहत ठीक 2:55 बजे नगर निगम का एक नया दस्तावेज पेश किया गया। इसमें अचानक यह बताया गया कि नगर निगम द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल को जो पूर्व में अदेयता प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया गया था, उसे निगम द्वारा “विड्रॉ” (निरस्त) कर लिया गया है। इस आधार पर उनका नामांकन खारिज करने की मांग की गई, जिस पर रिटर्निंग अधिकारी द्वारा विस्तृत आदेश पारित किया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कांग्रेस शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल व आरटीडीसी के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने कांग्रेस पार्षदों के साथ मौके पर डटकर कमान संभाले रखी। इस विरोध प्रदर्शन और संघर्ष में अजमेर के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व सांसद प्रत्याशी रहे रामचंद्र चौधरी, पूर्व विधायक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेश टंडन, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विजय जैन, कांग्रेस उपाध्यक्ष सैयद फखरे मोइन, प्रवक्ता शैलेश गुप्ता, कांग्रेस पदाधिकारी चंद्रेश सोनिया, दिनेश शर्मा, बृजेश कुमार पांडे एडवोकेट, राजेश कुमार अनानी, सैयद मंजूर अली और आशीष राजोरिया सहित तमाम कांग्रेसजनों ने मौके पर मुस्तैद रहकर मोर्चा संभाले रखा।
यह पूरा घटनाक्रम रातों-रात रची गई एक गहरी साजिश का हिस्सा है। इसके ठीक एक दिन पूर्व यानी 16 सितंबर 2026 को रात्रि लगभग 8:00 से 9:30 बजे के बीच, अजमेर नगर निगम के पुराने कार्यालय भवन में भाजपा के एक नेता और कुछ भ्रष्ट अधिकारी मिलकर नगर निगम की महत्वपूर्ण फाइलें चुपचाप चुराकर गाड़ियों में भरकर ले जाते हुए देखे गए।
इस संदिग्ध गतिविधि की भनक लगते ही मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ता और आम जनता भारी संख्या में एकत्र हो गई। जनता ने वहां जमकर नारेबाजी की और इस सुनियोजित घोटाले एवं तानाशाही के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह पूरा प्रशासनिक भ्रष्टाचार और दस्तावेजों में हेरफेर केवल एक ही दिन के भीतर अंजाम दिया गया है।
इस गंभीर मामले को लेकर कांग्रेस के अधिवक्ता विवेक पाराशर ने जिला रिटर्निंग अधिकारी को लिखित आपत्ति सौंपी है और यह मांग की है कि दिनांक 16 सितंबर 2026 को रात्रि 8:00 बजे से 9:30 बजे के बीच नगर निगम के पुराने भवन कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज तथा ‘अभय कमांड सेंटर’ के कैमरों की फुटेज तत्काल उपलब्ध कराए जाएं और उन्हें सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, रात के अंधेरे में नगर निगम से फाइलें चुराकर ले जाने वाले भाजपा नेताओं और संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए। यह सारा घटनाक्रम इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भाजपा लोकतंत्र की हर मर्यादा को ताक पर रखकर सत्ता का दुरुपयोग कर रही है, जिसे अजमेर की जनता और कांग्रेस पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।