धरती आबा अभियान- आदिवासी क्षेत्रों में पहुंचाए जाएंगे सभी सरकारी लाभ

धरती आबा अभियान- आदिवासी क्षेत्रों में पहुंचाए जाएंगे सभी सरकारी लाभ
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अजमेर, 22 मई। धरती आबा अभियान के अर्न्तगत जिले के 12 गांवों में 15 से 30 जून तक शिविर लगाकर व्यक्तियों को लाभान्वित किया जाएगा।
जिला कलक्टर लोक बन्धु ने जानकारी दी है कि भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए-जेजीयूए) के अंतर्गत धरती आबा अभियान जागरूकता और लाभ संतृप्ति शिविर 15 से 30 जून तक चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य जिले के आदिवासी क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और व्यक्तिगत लाभों की पूर्ण पहुंच सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि जिन गांवों में 50 फीसदी या 500 से ऊपर आदिवासी आबादी है वो धरती आबा के लिए चयन किए गए हैं। जिले के ऐसे 12 गांवों का प्रारंभिक चयन सूची अनुसार गैप आइडेंटिफिकेशन का कार्य कराया गया है। अजमेर जिले के सपनीखेड़ा, नया गांव मीणो का, भाण्डावास, पडालिया, गिरवरपुरा, बाढ़ का झोपड़ा, जीतापुरा, मोड़ी, शोक्या खेड़ा, गोरधा, पीपलिया, चीतावास गांव को सम्मिलित किया गया है।
लोक बन्धु ने बताया कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। संतृप्ति मोड में हर विभाग द्वारा पात्रतानुसार सर्वे करवाया गया है तथा 15 से 30 जून तक में चलने वाले शिविर में शासन के निर्देश पर वय वन्दन कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आयुष्मान भारत कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री जन धन खाता, जीवन बीमा, वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग पेंशन, मनरेगा, मुद्रा लोन, पीएम विश्वकर्मा योजना, मातृ एवं शिशु कल्याण के लिए टीकाकरण, आंगनबाड़ी लाभ आदि सेवाएं दी जाएंगी।
उन्होंने बताया कि अभियान में स्वास्थ्य, खाद्य, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, कृषि, राजस्व, पंचायत और अन्य विभागों का समन्वय किया गया है। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से आधार, ई-केवायसी और दस्तावेज़ीकरण की सेवाएं प्रदान की जाएंगी। विभाग के समन्वय एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद से लाभार्थियों की पहचान और जागरूकता फैलाई जा रही है। घर-घर संतृप्ति कार्ड तथा व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है। सभी शिविरों की निगरानी के लिए एक विशेष रिपोर्टिंग प्रणाली विकसित की गई है।

admin - awaz rajasthan ki

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