विरासत का इंतकाल खोलने के लिए मांगी रिश्वत।


पटवारी 1,500 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार।
भीलवाड़ा एसीबी टीम की कार्रवाई।
तहसील में मचा हड़कंप, कार्यालय छोड़ भागे कर्मी।
शाहपुरा 30 मई। शुक्रवार दिन के सवा बजे का समय भीलवाड़ा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो टीम दबे पांव शाहपुरा तहसील कार्यालय परिसर में दाखिल हुई और पहली मंजिल पर बने रिकॉर्ड रूम में बैठे लसाडिया पटवार मंडल के पटवारी बाबूलाल धोबी को लसाडिया निवासी कालूराम माली से विरासत का खाता खोलने की एवज में रिश्वत के तौर पर मांगी गई 1500 रुपए के राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
एसीबी टीम की कार्रवाई की भनक लगते ही तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। कर्मी अपने कक्ष छोड़ बाहर निकल गए। पूरे तहसील परिसर में सन्नाटा पसर गया। इस दौरान तहसीलदार अवकाश पर होने से कार्यवाहक तहसीलदार रामप्रसाद भी किसी बैठेक में थे।
उप अधीक्षक पुलिस (सुपरविजन अधिकारी) पारस मल ने प्रेस वार्ता में बताया कि लसाडिया पटवार सर्किल का प्रार्थी कालू माली ने एसीबी थाने में पेश होकर पटवारी धोबी के खिलाफ रिपोर्ट देते हुए आरोप लगाया कि अपने पिता की मृत्यु के उपरान्त 6 बीघा जमीन का अपने परिजनों के नाम विरासत से इन्तकाल खुलवाने के लिये पटवारी बबलू धोबी से दिनांक 22 मई को संपर्क किया। पटवारी ने दस्तावेज ऑनलाईन करवाने एवं आगे की कार्यवाही करने की एवज में 2000 रूपये रिश्वत राशि की मांगकर परेशान करने का आरोप लगाया। इन आरोपों का सत्यापन करवाने के दौरान आरोपी पटवारी ने 500 रुपए लिए। सत्यापन होने के बाद ब्यूरो टीम 30 मई को शाहपुरा तहसील परिसर में पहुंची। जहां पहले से आरोपी परिसर के एक कक्ष में बैठा था। प्रार्थी माली ने शेष एक हजार पांच सो रुपए पटवारी को थमाए और पटवारी उक्त राशि को पेंट की जेब में रख कर जैसे ही कक्ष से बाहर निकलेने लगा प्रार्थी का इशारा पाते ही टीम सदस्यों ने पटवारी को घर दबोचा। जेब में रखी रिश्वत स्वरूप दी गई राशि बरामद की। हाथ धुलवाने की प्रक्रिया में नोटो पर लगे गुलाबी रंग पानी में दिखने पर कार्रवाई प्रक्रिया शुरू की।
उप अधीक्षक पुलिस (सुपरविजन अधिकारी) पारस मल ने बताया कि एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस राजेश सिंह के सुपरवीजन में पुलिस निरीक्षक कल्पना, उप निरीक्षक राजेश कुमार आचार्य, सहायक उप निरीक्षक रामपाल, नेमीचंद, हेड कांस्टेबल खालिद मोहम्मद, राजेंद्र सिंह, राजवीर, इंद्रजीत सिंह आदि ने आरोपी से पूछताछ की। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।
इससे पूर्व भी शाहपुरा तहसील कार्यालय में एसीबी की कार्रवाई हुई थी। इस कार्रवाई को लेकर अन्य सरकारी महकमों में भी दिन पर चर्चा होती रही।