ग्राम पंचायत बांदरसिंदरी की पुर्व सरपंच व प्रशासक भारतीदेवी को माना दोषी पद से हटाया
अजमेर | अजमेर जिले की पंचायत समिति सिलोरा की ग्राम पंचायत बांदरसिंदरी में तत्कालीन सरपंच व वर्तमान प्रशासक भारतीदेवी बैरवा को नियम विरुद्ध पट्टे जारी करने पर संभागीय आयुक्त की जांच रिपोर्ट के आधार पर पंचायतीराज विभाग जयपुर के अतिरिक्त आयुक्त शासन उप सचिव इंद्रजीतसिंह ने पदच्युत कर दिया है। निवर्तमान सरपंच भारतीदेवी को जनवरी 2025 में जिला कलक्टर द्वारा ग्राम पंचायत का प्रशासक नियुक्त किया गया था परंतु सरपंच कार्यकाल में नियम विरुद्ध दिए गए पट्टे की जांच का मामला चल रहा था। इसी मामले में तीन वार्ड पंचों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। सूत्रों के अनुसार निवर्तमान सरपंच के कार्यकाल के दौरान एक खाली भूखंड का पट्टा नियमों को ताक में रखकर जारी कर दिया था। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने पंचायत समिति स्तर के साथ ही जिला स्तर एवं सचिवालय जयपुर तक की थी। शिकायत होने के बाद तत्कालीन ग्राम पंचायत के बोर्ड ने बैठक बुलाकर उक्त पट्टे को निरस्त भी कर दिया दिया था और पट्टे निरस्त की याचिका जिला कलक्टर कार्यालय में भी लगा दी थी परंतु ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर की गई। जांच में तत्कालीन सरपंच के दोषी पाए जाने के चलते सरपंच को पदच्युत कर दिया गया। वहीं तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी व तत्कालीन वार्ड 5 पंचों के खिलाफ उक्त मामले में जिला स्तर पर जांच जारी है। जांच 1 रिपोर्ट में वार्ड संख्या 1 की बिंदु देवी, वार्ड संख्या 6 की सीता देवी ने व वार्ड संख्या 8 के हनुमान नायक ई को भी दोषी माना गया है।
यह था मामला
सरपंच नै 5 मार्च 2024 को सोनू कंवर कै
नाम बुक संख्या 232 में पट्टा संख्या 11 फर्जी तरीके से जारी किया था। जांच के दौरान जारी पत्ता संख्या 11 पूरी तरीके से फर्जी पाया गया जिसको कमेटी द्वारा निरस्त कर ग्राम पंचायत में जमा कर लिया गया था । फर्जी तरीके से पट्टा जारी करने के बाद पंचायत समिति किशनगढ़ के विकास अधिकारी द्वारा सहायक विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सोनी, सहायक विकास अधिकारी जोरावर सिंह कि एक जांच कमेटी का गठन किया गया।