विश्व पर्यावरण दिवस 2025: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ को जनआंदोलन बनाने का किया आह्वान
जयपुर, 5 जून 2025:
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पर्यावरण एवं जल संरक्षण को लेकर प्रदेशवासियों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। इस मौके पर उन्होंने ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ को जनभागीदारी के माध्यम से सफल बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने जल क्षेत्र में समन्वय से कार्य करते हुए अनेक योजनाएं लागू की हैं। धरती के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने और प्रदूषण को रोकने के लिए यह सामूहिक प्रयास आवश्यक है।” उन्होंने भारतीय संस्कृति की जल और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का उल्लेख करते हुए कहा कि “हम नदियों, पर्वतों और संपूर्ण प्रकृति का पूजन करते हैं। गंगा, यमुना, सरस्वती, नर्मदा और गोदावरी जैसी नदियाँ हमारी आत्मा को पवित्र करती हैं। प्रकृति में हर जीव, यहां तक कि कीट-पतंगों तक का महत्व है।”
मुख्यमंत्री की घोषणाएं और सौगातें:
- वायु गुणवत्ता सुधार के लिए प्रदेश की 54 स्थानीय निकायों को ₹13.5 करोड़ की सौगात
- राजस्थान के 7 शहरों में 7 नए नगर वन (Urban Forest) की स्थापना की घोषणा
- बीड़ पापड़ लेपर्ड सफारी का शुभारंभ
- क्लाइमेट चेंज एडॉप्शन प्लान 2030 के लिए MoU पर हस्ताक्षर
- विश्व पर्यावरण दिवस न्यूज़ लेटर का विमोचन
- नीरज गौतम को ‘पर्यावरण प्रहरी सम्मान’ प्रदान किया गया
वन मंत्री संजय शर्मा का संबोधन:
वन मंत्री संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि 7 करोड़ पौधारोपण के लक्ष्य की तुलना में प्रदेश ने 7.22 करोड़ पौधे लगाकर कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में राजस्थान के वृक्षारोपण अभियान की सराहना की है।
संजय शर्मा ने कहा कि राजस्थान की अरावली पर्वत श्रृंखला का 19 जिलों में विस्तार है, और अब दिल्ली स्थित अरावली तलहटी में भी वृक्षारोपण का संकल्प लिया गया है। उन्होंने जयपुर की पर्यावरणीय विशिष्टताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि “जयपुर देश का एकमात्र शहर है जहाँ तीन लेपर्ड सफारी, एक टाइगर सफारी और एक लायन सफारी मौजूद हैं।“