50 करोड़ की लागत से बने घटिया बाईपास की बारिश ने खोली पोल।


50 करोड़ की लागत से बने घटिया बाईपास की बारिश ने खोली पोल।
डामर का बाईपास कच्छी मिट्टी के गड्ढों में तब्दील।
आनन फानन में बना डाला घटिया बाईपास।
निर्माण गुणवत्ता पर सवाल।
कांग्रेस ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
शाहपुरा, 16 जुलाई। राजस्थान सरकार की 2023-24 की बजट घोषणा के तहत शाहपुरा-भीलवाड़ा से देवली मार्ग पर 10 किलोमीटर लंबा बाईपास बनाने का कार्य शुरू हुआ था। इस परियोजना के लिए राजस्थान राज्य सड़क विकास और निर्माण निगम लिमिटेड ने 50 करोड़ 35 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की और 27 सितंबर 2023 को कार्य आदेश जारी किया। निर्माण कार्य 12 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ, जिसे 11 अक्टूबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। हालांकि, ठेकेदार ने निर्धारित समय से पहले ही जल्दबाजी में बाईपास का निर्माण पूरा कर लिया, लेकिन इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
इस मानसून की बारिश ने 50 करोड़ रुपये की लागत से बने इस बाईपास की पोल खोल दी। डामर से बनी यह सड़क बारिश के पानी के सामने टिक नहीं पाई और कई जगहों पर गड्ढों में तब्दील हो गई। सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई, जिसके नीचे भरी गई चिकनी मिट्टी सतह पर उभर आई। नतीजतन, यह बाईपास गांव की कच्ची सड़कों जैसा दिखने लगा।
हैरानी की बात यह है कि सड़क की गारंटी अवधि 5 वर्ष है, लेकिन निर्माण पूरा होने से पहले ही यह बदहाल हो चुकी है।
शाहपुरा कांग्रेस के कई पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का आरोप था कि सड़क निर्माण मापदंडों की अनदेखी की गई। बाईपास निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल नहीं करने से यह हालत बने है। क्षेत्र के सभी किसानों का भी आरोप था कि सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी के लिए सड़क के दोनों किनारे नालियों और ढलानों की उचित व्यवस्था नहीं होने से बाईपास के दोनों ओर जमीनों में जलभराव से फसल चौपट हो चुकी। लोगों ने ठेकदार की
जिम्मेदारी पर भी कई सवाल खड़े किए है। लोगों का आरोप था कि बाईपास का निर्माण शुरू से ही संदिग्ध था और अब बारिश ने इसकी गुणवत्ता की सच्चाई उजागर कर दी।
शाहपुरा के एक सेवानिवृत इंजीनियर का कहना था कि सर्वे के दौरान गुणवत्तापूर्ण बनने वाले 10 किलोमीटर बाईपास का इस्टीमेट 50 करोड़ का तैयार किया और स्वीकृत भी हुआ। लेकिन सरकार की घटिया टेंडर प्रक्रिया के तहत टेंडर मात्र 30.81 करोड़ रुपए जारी किया गया। बिलो रेट में दिए ठेका निर्माण में तो कार्य घटिया ही होना था।
बाईपास में भ्रटाचार की बू, उच्चस्तरीय जांच की मांग: कांग्रेस राज में स्वीकृत बाईपास निर्माण भाजपा की सरकार में शुरू किया गया। ठेकेदार,अधिकारियों स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मिलीभगती से इस निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार लार्ज स्केल पर हुआ है, तभी ऐसा घटिया रोड बना। इस मामले के उच्चस्तरीय जांच करवाने के साथ ठेकेदार, अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने की हम राज्यपाल से मांग कर रहे है। रमेश सेन, नगर कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष, शाहपुरा
पानी की मार से हुई सड़क खराब: निर्माण कार्य में मानकों का ध्यान रखा गया। बारिश का पानी जा जहां भरा वहां ये हालत बने। बारिश बाद रोड को सुधारा जाएगा। नरेंद्र चौधरी, परियोजना निदेशक, भीलवाड़ा
