शीतलहर से बचाव हेतु एडवाइजरी जारी

शीतलहर से बचाव हेतु एडवाइजरी जारी
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भीलवाड़ा। जिले में शीतलहर के संभावित प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आमजन की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियों को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है।

आगामी शीतकालीन मौसम में प्रदेश के अधिकांश भागों में सामान्य से न्यूनतम तापमान रहने की संभावना है। ऐसे में संभावित शीतलहर के प्रकोप को गंभीरता से लेते हुए जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देशानुसार शीतलहर के प्रकोप से होने वाली क्षति को कम करने हेतु विभागीय एवं जिला स्तरीय निर्देशों एवं कार्ययोजना की प्रभावी अनुपालना के लिए जिले में विभाग, उपखण्ड एवं तहसील स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, साथ ही कार्य योजना एवं विभागवार दिशा निर्देश जारी किए गए है। शीत लहर से बचाव के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नम्बर 01482-232671 है।

शीतलहर से पूर्व बरतें ये सावधानियां

शीतलहर से बचाव के लिए सर्दियों के कपड़े पर्याप्त मात्रा में रखें। कपड़ों की कई परतें पहनना लाभदायक रहता है। आपातकालीन परिस्थितियों के लिए आवश्यक सामान पहले से तैयार रखें। उन्होंने बताया कि शीतदंश के लक्षण जैसे उंगलियों, पैर की उंगलियों, कानों की लोब एवं नाक की नोक पर सुन्नता, सफेदी अथवा पीलेपन के प्रति सतर्क रहें। शीतदंश से प्रभावित हिस्सों की मालिश न करें, इससे नुकसान बढ़ सकता है। प्रभावित हिस्सों को गुनगुने पानी में रखें। कंपकंपी को नजरअंदाज न करें, यह शरीर से तेजी से गर्मी निकलने का संकेत है। कंपकंपी महसूस होने पर तुरंत सुरक्षित स्थान या घर लौटें।

शीतलहर के दौरान अपनाएं सुरक्षित व्यवहार

शीतलहर के दौरान यथासंभव घर के अंदर ही रहें तथा ठंडी हवा से बचाव के लिए अनावश्यक यात्रा से परहेज करें। शरीर को सूखा रखें एवं यदि कपड़े गीले हो जाएं तो तुरंत बदलें, जिससे शरीर की उष्मा बनी रहे। उन्होंने कहा कि मौसम की ताजा जानकारी के लिए रेडियो, टेलीविजन एवं समाचार पत्रों के माध्यम से अपडेट रहें। नियमित रूप से गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें। विशेष रूप से बुजुर्गों एवं बच्चों का अतिरिक्त ध्यान रखें।

हाइपोथर्मिया की स्थिति में तुरंत करें ये उपाय

हाइपोथर्मिया की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को तुरंत गर्म स्थान पर ले जाएं और सूखे कंबल, कपड़े, तौलिये अथवा चादरों से शरीर को गर्मी प्रदान करें। शरीर का तापमान बढ़ाने के लिए गर्म पेय दें, लेकिन मादक पेय न दें। आवश्यकता होने पर व्यक्ति को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं।

Ashish Parashar

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